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महिला पार्षद को भरी सभा में आखिर क्यों टेबल पर खड़ा होना पड़ा, ये है मामला

Thu, 08 Feb 2018 04:12 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Thu, 08 Feb 2018 04:12 PM IST
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Why was the woman councilor standing at the table in a meeting of the kota nagar nigam
कोटा नगर निगम की बैठक में टेबल पर खड़ी महिला पार्षद - फोटो : amar ujala
सरकारें भले ही महिला सशक्तिकरण के नारे लगाते हुए हुए उनकी बात सुनने के दावें करती हों, लेकिन आज भी हालात विपरित ही दिख रहे हैं। कोटा नगर निगम की बैठक में आज एक महिला पार्षद को भरी सभा में टेबल पर खड़ा होना पड़ा।
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चौंकाने वाला ये पूरा मामला राजस्थान के कोटा जिले से जुड़ा है। यहां आज नगर निगम की बजट बैठक आयोजित की गई। बजट में कई बिंदु ऐसे भी रहे जिस पर लगातार हंगामा होता रहा। कोटा को ओडीएफ घोषित करने के बाद भी कई इलाकों में शौचालय नहीं बनने से नाराज पार्षदों ने अपनी पीड़ा जाहिर की।
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इसी दौरान महिला पार्षद मौनू कुमारी नगर निगम में भरे सदन के बीच टेबल पर चढ़ गई। बैठक में बजट को लेकर हंगामा चलने के दौरान पार्षद मौनू कुमारी भी अपनी बात महापौर महेश विजय से कहने वाली थी। जब महापौर ने उनकी बात नहीं सुनी तो मजबूरन वह टेबल पर चढ़ गई।
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कांग्रेसी पार्षदों ने किया बहिष्कार

Why was the woman councilor standing at the table in a meeting of the kota nagar nigam
कोटा नगर निगम की बैठक में हंगामा करते पार्षद - फोटो : amar ujala
यह देख अन्य पार्षदों ने मौनू कुमारी से समझाईश की, जिसके बाद वह टेबल से नीचे उतरीं। वहीं वार्ड नम्बर सात की बीजेपी पार्षद शकुंतला बैरवा ने स्थानीय विधायक पर भवानी सिंह राजावत पर भेदभाव करने का आरोप लगाया। इस दौरान उन्होंने बीजेपी को ही छोड़ने का निर्णय ले लिया।

कोटा नगर निगम में 2018-19 के वित्तीय वर्ष के लिए आज 5 करोड़ से ज्यादा का बजट पेश हुआ। नगर निगम में महापौर महेश विजय ने बजट पेश करते हुए समिति अध्यक्ष, पार्षदों और अधिकारियों के बीच बजट खर्च पर चर्चा की।

इस बजट में 25 प्रतिशत राशि तो केवल अफसरों और कर्मचारियों के वेतन पर ही खर्च होगी, वहीं सफाई व्यवस्था पर करीब 97 करोड़ का बजट पारित हुआ। इस दौरान कांग्रेसी पार्षदों ने बजट पर पूरी तरह से चर्चा नहीं करने का आरोप लगाते हुए बैठक का बहिष्कार किया और बैठक छोड़कर बाहर निकल आए।
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