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RCA ELECTION: राजस्थान क्रिकेट का वनवास समाप्त!

Fri, 02 Jun 2017 01:51 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Fri, 02 Jun 2017 01:51 PM IST
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What will be the effect of the RCA election results
क्रिकेट - फोटो : Cricket Country
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव परिणाम के बाद अब राजस्थान क्रिकेट की दशा भी बदलेगी। पिछले लंबे समय से मांग की जा रही है कि आरसीए पर से बीसीसीआई का बैन हटे। जोशी की जीत और रुचिर मोदी की हार से इस बैन के हटने की उम्मीदें नजर आने लगी हैं।
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चुनाव परिणामों में अध्यक्ष पद पर सीपी जोशी की जीत ने उम्मीद जताई है कि सबसे पहले आरसीए पर लगे बीसीसीआई का बैन हटाने की कवायद शुरू होगी। इससे सीधे तौर पर राजस्थान में क्रिकेट मैचों आयोजित होने का रास्ता साफ हो सकेगा, वहीं खिलाड़ियों की मिलने वाली सुविधाएं भी फिर से शुरू होगीं। लेकिन, यहां दो बातें और भी हैं। पहली बात यह कि आरसीए के छह पदों में से चार पदों पर जोशी गुट काबिज है, तो वहीं दूसरी तरफ दो अहम पदों पर मोदी गुट जीता है। सचिव पद पर आरएस नांदु और कोषाध्यक्ष पद पर पिंकेश जैन जीते हैं। अब जोशी के सामने इन दोनों से तालमेल बैठाकर आगे बढ़ने की चुनौती होगी। दूसरी बात यह भी है कि कहीं फिर से चुनाव परिणाम के बाद कोई गुट कोर्ट न चला जाए। ऐसा होने पर फिर से विकास की प्रक्रिया कानूनी दांवपेचों में पड़ सकती है।
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दरअसल, मनी लॉन्ड्रिंग केस में भगौड़ा घोषित किए गए पूर्व आरसीए अध्यक्ष और आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी के कारण राजस्थान क्रिकेट संघ सबसे ज्यादा चर्चाओं में रहा है। मोदी राज में राजस्थान क्रिकेट के दिन तो फिरे ही थे मगर उन्हीं के कारण न मिटने वाले दाग भी मिले।
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लिहाजा राजस्थान को बीसीसीआई द्वारा निलंबन अब तक झेलना पड़ा। राजस्थान क्रिकेट को लेकर हो रही राजनीति के बीच यदि किसी को सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा है, तो वह है क्रिकेट और खिलाड़ियों को। आरसीए के बीसीसीआई द्वारा निलंबित होने के बाद से ही राजस्थान में लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों का आयोजन नहीं हुआ।

इस कारण जिला संघ पदाधिकारियों ने राजनीतिक उठापटक के बावजूद सीपी जोशी को जीताया। सीपी जोशी ने खुद इस बात को माना है कि उनकी प्राथमिकता बैन को हटाने की रहेगी। पिछले तीन सालों से बैन के बाद आरसीए कंगाली की कगार पर आ गया था। न तो मैच हो पा रहे थे न ही कोई फंड मिल रहा था।


इसी का खामियाजा खिलाड़ियों को भी भुगतना पड़ रहा था। कई बार ये भी सामने आया है कि खिलाड़ियों को बुरी व्यव्यस्थाओं से दो-चार होना पड़ा था। राजस्थान के एकमात्र इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम सवाई मानसिंह मैदान की हालत भी दिन ब दिन खराब होती जा रही थी। ऐसी कई समस्याओं का अंबार सा लग गया था।

अब उम्मीद जताई जा रही है कि मोदी युग के खत्म होने के बाद लौटने वाले जोशी युग में राजस्थान क्रिकेट का वनवास अब खत्म होगा।
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