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वेंडिंग और नॉन वेंडिंग जोन घोषित करने के लिए क्या किया:हाईकोर्ट
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 31 Oct 2017 08:00 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने नगर निगम को 16 नवंबर तक शपथ पत्र पेश कर बताने को कहा है कि जयपुर में वेंडिंग और नॉन वेंडिंग जोन घोषित करने के लिए हर दिन क्या-क्या कार्रवाई की गई?
न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश रक्षक सोसायटी की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान निगम की ओर से पूर्व में दिए आदेश की पालना के लिए एक माह का समय मांगा गया। इस पर अदालत ने निगम को 16 नवंबर तक समय देते हुए शपथ पत्र पेश कर जानकारी देने को कहा है।
मामले के अनुसार हाईकोर्ट ने पूर्व में आदेश जारी कर निगम को दो माह में वेंडिंग और नॉन वेंडिंग जोन घोषित करने और वैंडर्स को स्थाई लाईसेंस जारी करने के आदेश दिए थे। आदेश की पालना नहीं होने पर अवमानना याचिका दायर की गई। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि निगम मौखिक रूप से 77 वार्ड में जोन घोषित करना बता रहा है, लेकिन न तो याचिकाकर्ता को इसकी सूची दी है और न ही अदालत में इसकी जानकारी पेश की गई।
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जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने निगम को शपथ पत्र पेश कर इस दिशा में किए गए कार्यों की जानकारी पेश करने को कहा है।
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न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश रक्षक सोसायटी की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान निगम की ओर से पूर्व में दिए आदेश की पालना के लिए एक माह का समय मांगा गया। इस पर अदालत ने निगम को 16 नवंबर तक समय देते हुए शपथ पत्र पेश कर जानकारी देने को कहा है।
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मामले के अनुसार हाईकोर्ट ने पूर्व में आदेश जारी कर निगम को दो माह में वेंडिंग और नॉन वेंडिंग जोन घोषित करने और वैंडर्स को स्थाई लाईसेंस जारी करने के आदेश दिए थे। आदेश की पालना नहीं होने पर अवमानना याचिका दायर की गई। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि निगम मौखिक रूप से 77 वार्ड में जोन घोषित करना बता रहा है, लेकिन न तो याचिकाकर्ता को इसकी सूची दी है और न ही अदालत में इसकी जानकारी पेश की गई।
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जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने निगम को शपथ पत्र पेश कर इस दिशा में किए गए कार्यों की जानकारी पेश करने को कहा है।