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मेवाड़ में आत्म समर्पण का शब्द बना ही नहीं, बोले केन्द्रीय गृहमंत्री
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 14 Jan 2018 07:49 PM IST
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राजनाथ सिंह
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उदयपुर संभाग के राजसमंद जिले के मदारिया कस्बे के पास स्थित माल्यवास गांव में आज महाराणा कुंभा की जयंती के अवसर पर मेवाड़ महाकुम्भ का आयोजन किया गया।
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने यहां आयोजित कार्यक्रम में श्याम नारायण पांडे की कविता पढ़कर सुनाई। केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि यहां आकर मैं अभिभूत हूं। राजस्थान के लोगों के शौर्य पराक्रम बलिदान की गाथा इतिहास पढ़ता हूं, तो हृदय गर्व से भर उठता है। उन्होंने राजस्थान की धरती का परिचय अपने अंदाज में कराया और कहा कि कोई भी भारतवासी दुनिया के किसी भी कोने में हो, वह इस इतिहास पर गौरव करता है।
उन्होंने कहा कि दुनिया में जितनी भी सभ्यताएं हैं, वे खत्म हो गई। इक्कीसवीं सदी में भी भारत की सभ्यता यहां के शौर्य और पराक्रम की वजह से जिंदा है। राजनाथ सिंह ने कहा कि दुनिया में कई युद्ध हुए, मेवाड़ ने कभी आत्मसमर्पण नहीं किया। आत्मसमर्पण नामक शब्द यहां के इतिहास में रहा ही नहीं।
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केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने यहां आयोजित कार्यक्रम में श्याम नारायण पांडे की कविता पढ़कर सुनाई। केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि यहां आकर मैं अभिभूत हूं। राजस्थान के लोगों के शौर्य पराक्रम बलिदान की गाथा इतिहास पढ़ता हूं, तो हृदय गर्व से भर उठता है। उन्होंने राजस्थान की धरती का परिचय अपने अंदाज में कराया और कहा कि कोई भी भारतवासी दुनिया के किसी भी कोने में हो, वह इस इतिहास पर गौरव करता है।
उन्होंने कहा कि दुनिया में जितनी भी सभ्यताएं हैं, वे खत्म हो गई। इक्कीसवीं सदी में भी भारत की सभ्यता यहां के शौर्य और पराक्रम की वजह से जिंदा है। राजनाथ सिंह ने कहा कि दुनिया में कई युद्ध हुए, मेवाड़ ने कभी आत्मसमर्पण नहीं किया। आत्मसमर्पण नामक शब्द यहां के इतिहास में रहा ही नहीं।
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मेवाड़ की खूबियां बताईं
राजसमंद पहुंचे केन्द्रीय गृहमंत्री
- फोटो : amar ujala
उन्होंने कांग्रेस सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि ब्रिटिशकाल से लेकर आज तक चित्तौड़गढ़, हल्दीघाटी का इतिहास पढ़ाने का जिम्मा सरकारों ने नहीं निभाया। सिर कटाने और सिर नहीं झुकाने की बात अगर सिर्फ कहीं सुनी जाती है, तो वह मेवाड़ है। भले ही अंग्रेजों, मुगलों ने राजनीतिक अधिकार कायम किया, लेकिन मेवाड़ के मन पर कभी अधिकार नहीं कर पाए। मेवाड़ कभी मन से नहीं हारा।
समारोह में राजस्थान के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, पंचायती राज मंत्री राजेन्द्र राठौड़, उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी, धरोहर संरक्षण प्राधिकरण अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, राजसमंद सांसद हरिओम सिंह राठौड़ सहित हजारों लोग मौजूद रहे।
समारोह में राजस्थान के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, पंचायती राज मंत्री राजेन्द्र राठौड़, उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी, धरोहर संरक्षण प्राधिकरण अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, राजसमंद सांसद हरिओम सिंह राठौड़ सहित हजारों लोग मौजूद रहे।