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ट्रैफिक रूल्स तोड़ते ही बैंक खाते से निकल जाएगी जुर्माना राशि
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 04 Apr 2017 04:05 PM IST
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- फोटो : Internet
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ट्रैफिक रूल्स तोड़ा और उधर आपके खाते से जुर्माने की राशि अपने आप निकलकर सरकारी खाते में जमा हो जाएगी। ये जुर्माना जमा कराने के लिए आपको न तो ईमित्र जाना होगा और न ही पुलिस कंट्रोल रूम।
दरअसल उदयपुर में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले नयन जैन ने एक ऐसा सॉफ्टवेयर बनाने का दावा किया है जिसमें ट्रैफिक रूल्स तोड़ने वालों का चालान होगा और जुर्माने की राशि वाहन चालक के बैंक अकाउंट से कट जाएगी। इस सॉफ्टवेयर के बारे में केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी जानकारी ली चुके है और उन्होंने नयन के प्रयास की तारीफ करते हुए प्रशंसा पत्र भी भेंट किया है। हालांकि अभी ये लागू करने की कोई घोषणा नहीं हुई है।
ऐसे करेगा ये काम
यह सॉफ्टवेयर आरएफआइडी (रेडियो फ्रीक्वैंसी आइडेंटीफिकेशन) टैक्नोलॉजी पर कार्य करेगा जिसके तहत नए वाहनों में एक बारकोड लगाया जाएगा जिसमें वाहन मालिक के बैंक अकाउंट नंबर तथा अन्य जानकारी दर्ज होगी। ऐसे में रूल्स तोड़ते ही एक एक मैसेज आरटीओ को जाएगा और नियम तोड़ने वाले के बैंक अकाउंट से जुर्माना कट जाएगा। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से ट्रैफिक पुलिसकर्मियों का काम आसान हो जाएगा।
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ऐसे मिला आइडिया
दरअसल 12वीं में पढ़ने वाले नयन के दिमाग ऐसा सॉफ्टवेयर बनाने का आइडिया लोगों द्वारा अंधाधुंध ट्रैफिक नियमों को तोड़ते हुए देखने के बाद आया। नयन ने अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर उदयपुर शहर के कुछ प्रमुख चौराहों पर एक सर्वे किया। सर्वे में पाया कि हर 1 हजार वाहनों में से लगभग 130 से 140 वाहन रेड लाइट जंप कर जाते हैं। इसके अलावा नियम तोड़ने वालों में ऐसे लोगों की भी बड़ी संख्या है जो रेड लाइट होने के बावजूद भी अपना वाहन जेब्रा क्रॉसिंग पर रोकते हैं।
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दरअसल उदयपुर में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले नयन जैन ने एक ऐसा सॉफ्टवेयर बनाने का दावा किया है जिसमें ट्रैफिक रूल्स तोड़ने वालों का चालान होगा और जुर्माने की राशि वाहन चालक के बैंक अकाउंट से कट जाएगी। इस सॉफ्टवेयर के बारे में केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी जानकारी ली चुके है और उन्होंने नयन के प्रयास की तारीफ करते हुए प्रशंसा पत्र भी भेंट किया है। हालांकि अभी ये लागू करने की कोई घोषणा नहीं हुई है।
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ऐसे करेगा ये काम
यह सॉफ्टवेयर आरएफआइडी (रेडियो फ्रीक्वैंसी आइडेंटीफिकेशन) टैक्नोलॉजी पर कार्य करेगा जिसके तहत नए वाहनों में एक बारकोड लगाया जाएगा जिसमें वाहन मालिक के बैंक अकाउंट नंबर तथा अन्य जानकारी दर्ज होगी। ऐसे में रूल्स तोड़ते ही एक एक मैसेज आरटीओ को जाएगा और नियम तोड़ने वाले के बैंक अकाउंट से जुर्माना कट जाएगा। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से ट्रैफिक पुलिसकर्मियों का काम आसान हो जाएगा।
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ऐसे मिला आइडिया
दरअसल 12वीं में पढ़ने वाले नयन के दिमाग ऐसा सॉफ्टवेयर बनाने का आइडिया लोगों द्वारा अंधाधुंध ट्रैफिक नियमों को तोड़ते हुए देखने के बाद आया। नयन ने अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर उदयपुर शहर के कुछ प्रमुख चौराहों पर एक सर्वे किया। सर्वे में पाया कि हर 1 हजार वाहनों में से लगभग 130 से 140 वाहन रेड लाइट जंप कर जाते हैं। इसके अलावा नियम तोड़ने वालों में ऐसे लोगों की भी बड़ी संख्या है जो रेड लाइट होने के बावजूद भी अपना वाहन जेब्रा क्रॉसिंग पर रोकते हैं।