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Labour day: मजदूर का बेटा आईपीएल में कर रहा है नाम रोशन
मनीष कुमार शर्मा/जयपुर
Updated Mon, 01 May 2017 03:22 PM IST
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नाथू सिंह
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लहरों से डरकर नैया पार नहीं होती और कोशिश करने वाले की हार नहीं होती...। कवि हरिवंश राय बच्चन की लिखी ये पक्तियां आईपीएल में गुजरात लायंस टीम से खेलने वाले नाथू सिंह पर हू-ब-हू लागू होती हैं। एक मजदूर का बेटा इतनी बुलंदी पर पहुंच गया कि उससे मिलने के लिए लोगों का तांता लगा रहता है।
दरअसल, राजस्थान के एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले नाथू सिंह अपनी मेहनत और लगन के चलते आईपीएल में अपना अलग मुकाम बना चुके हैं। नाथू के क्रिकेटर बनने से पहले पिता भरत सिंह वायर फैक्ट्री में मजदूरी करते थे, जिनकी महीने के कमाई करीब सात हजार रुपए थी। पिता भरत सिंह बताते हैं कि एक बार गली में क्रिकेट खेलते हुए किसी ने उसे देखा और उनसे कहा कि नाथू को क्रिकेट सिखाना चाहिए। उसकी बॉलिंग बहुत तेज है। ये सुनने के बाद भरत सिंह ने नाथू को क्रिकेट खेलने के लिए सुराणा क्रिकेट एकेडमी में भेजा।
हालांकि, वे ज्यादा क्रिकेट के बारे में समझते नहीं थे, फिर भी उनका ये सपना था कि उनका बेटा बहुत बड़ा आदमी बने ताकि उसे मजदूरी नहीं करनी पड़े। इसी सोच ने उसे एकेडमी में भेजा। वहां उसकी फीस करीब दस हजार रुपए थी।
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फिर उन्होंने किसी से ब्याज पर कर्जा लेकर उसकी दो महीने की फीस जमा करा दी और कहा कि अभी दो महीने खेलो फिर आगे देखेंगे। टीन शेड के दो कमरों के घर से निकलकर नाथू एकेडमी पहुंच गया। दो महीने में ही नाथू एकेडमी का स्टार खिलाड़ी बन गया।
परिवार की माली हालत खराब देखकर एकेडमी ने उसकी आगे की फीस भरने की पहल की। इसके बाद उसकी मेहनत उसे अंडर—19 टीम तक ले गई। इसके बाद उनका सलेक्शन राजस्थान की रणजी टीम में भी हो गया।
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दरअसल, राजस्थान के एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले नाथू सिंह अपनी मेहनत और लगन के चलते आईपीएल में अपना अलग मुकाम बना चुके हैं। नाथू के क्रिकेटर बनने से पहले पिता भरत सिंह वायर फैक्ट्री में मजदूरी करते थे, जिनकी महीने के कमाई करीब सात हजार रुपए थी। पिता भरत सिंह बताते हैं कि एक बार गली में क्रिकेट खेलते हुए किसी ने उसे देखा और उनसे कहा कि नाथू को क्रिकेट सिखाना चाहिए। उसकी बॉलिंग बहुत तेज है। ये सुनने के बाद भरत सिंह ने नाथू को क्रिकेट खेलने के लिए सुराणा क्रिकेट एकेडमी में भेजा।
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हालांकि, वे ज्यादा क्रिकेट के बारे में समझते नहीं थे, फिर भी उनका ये सपना था कि उनका बेटा बहुत बड़ा आदमी बने ताकि उसे मजदूरी नहीं करनी पड़े। इसी सोच ने उसे एकेडमी में भेजा। वहां उसकी फीस करीब दस हजार रुपए थी।
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फिर उन्होंने किसी से ब्याज पर कर्जा लेकर उसकी दो महीने की फीस जमा करा दी और कहा कि अभी दो महीने खेलो फिर आगे देखेंगे। टीन शेड के दो कमरों के घर से निकलकर नाथू एकेडमी पहुंच गया। दो महीने में ही नाथू एकेडमी का स्टार खिलाड़ी बन गया।
परिवार की माली हालत खराब देखकर एकेडमी ने उसकी आगे की फीस भरने की पहल की। इसके बाद उसकी मेहनत उसे अंडर—19 टीम तक ले गई। इसके बाद उनका सलेक्शन राजस्थान की रणजी टीम में भी हो गया।
पाई-पाई के लिए ओवर टाइम करनेवाले पिता को दिलाई पहचान
परिवार के साथ बैठा क्रिकेटर नाथू सिंह
एक फैक्ट्री में काम करने वाले भरत सिंह की बेटे को बड़ा बनाने की सोच एक दिन सच साबित हुई। पिछले साल आईपीएल नीलामी में दस लाख की बेस प्राइज वाले नाथू को नीता अंबानी की टीम मुम्बई इंडियंस ने करीब सवा तीन करोड़ रुपए में खरीदा। हालांकि, नाथू को मुंबई इंडियस से मैच खेलने का मौका नहीं मिला। अब वर्तमान में नाथू गुजरात लायंस से जुड़े हुए हैं। आईपीएल सीजन 10 की नीलामी में गुजरात लायंस ने नाथू को 50 लाख रुपए की बोली लगाकर खरीदा।
सचिन तेंदुलकर और रिकी पॉन्टिंग का पसंद करने वाले राजस्थान के क्रिकेटर नाथू सिंह ने आईपीएल करियर के पहले ही मैच के पहले ओवर में पंजाब के स्टार ओपनर मनन वोहरा को आउट किया। गुजरात ने उन्हें पंजाब के खिलाफ मैच में डेब्यू करने का मौका दिया था।
जयपुर जिले के नाड़ी का फाटक इलाके में रहने वाले भरत सिंह और मां सूरज कंवर के यहां 8 सितम्बर 1995 को नाथू का जन्म हुआ। बारहवीं तक की पढ़ाई नाथू ने नवज्योति सीनियर सैकण्डरी स्कूल से पूरी की। पिता बेटे को बड़ा आदमी बनाने के लिए फैक्ट्री में 12 से 16 घंटे तक ओवरटाइम करते रहे, ताकि नाथू को कोई परेशानी ना आए। टेनिस बॉल से गेंदबाजी की शुरुआत करने वाले नाथू सिंह की बॉलिंग की तारीफ भारतीय क्रिकेटर राहुल द्रविड, संदीप पाटिल, गौतम गंभीर सहित आस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्राथ भी कर चुके हैं।
नाथू सिंह एक स्पेल में 140 किमी प्रति घंटे की औसत रफ्तार से बॉलिंग करने में माहिर है। अच्छी यार्कर और स्लोवर वन फेंकना मुश्किल होता है, लेकिन नाथू सिंह ये बड़ी आसानी से करते हैं। अब तो नाथू का एक ही सपना है कि वह इंडियन टीम के लिए खेले और देश का नाम रोशन करे।
सचिन तेंदुलकर और रिकी पॉन्टिंग का पसंद करने वाले राजस्थान के क्रिकेटर नाथू सिंह ने आईपीएल करियर के पहले ही मैच के पहले ओवर में पंजाब के स्टार ओपनर मनन वोहरा को आउट किया। गुजरात ने उन्हें पंजाब के खिलाफ मैच में डेब्यू करने का मौका दिया था।
जयपुर जिले के नाड़ी का फाटक इलाके में रहने वाले भरत सिंह और मां सूरज कंवर के यहां 8 सितम्बर 1995 को नाथू का जन्म हुआ। बारहवीं तक की पढ़ाई नाथू ने नवज्योति सीनियर सैकण्डरी स्कूल से पूरी की। पिता बेटे को बड़ा आदमी बनाने के लिए फैक्ट्री में 12 से 16 घंटे तक ओवरटाइम करते रहे, ताकि नाथू को कोई परेशानी ना आए। टेनिस बॉल से गेंदबाजी की शुरुआत करने वाले नाथू सिंह की बॉलिंग की तारीफ भारतीय क्रिकेटर राहुल द्रविड, संदीप पाटिल, गौतम गंभीर सहित आस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्राथ भी कर चुके हैं।
नाथू सिंह एक स्पेल में 140 किमी प्रति घंटे की औसत रफ्तार से बॉलिंग करने में माहिर है। अच्छी यार्कर और स्लोवर वन फेंकना मुश्किल होता है, लेकिन नाथू सिंह ये बड़ी आसानी से करते हैं। अब तो नाथू का एक ही सपना है कि वह इंडियन टीम के लिए खेले और देश का नाम रोशन करे।