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शहीद जवान पर पूरे गांव को है गर्व, तीन साल पहले सेना में हुआ था भर्ती
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 25 Sep 2017 02:14 PM IST
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शहीद गणपतराम
- फोटो : amar ujala
पाकिस्तान की ओर से हुई गोलीबारी में जोधुपर जिले के ओसियां कस्बे के खुड़ियाला गांव का बेटा देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए शहीद हो गया। जम्मू-कश्मीर के तंगधार सेक्टर में हुई गोलीबारी में सेना के जवान गणपत कड़वासरा को गोली लग गई।
सेना से मिली जानकारी के अनुसार शहीद गणपतराम की पार्थिव देह कल सुबह उनके पैतृक गांव खुड़ियाला पहुंचेगी। यहां राजकीय और सैनिक सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं, गणपतराम के शहीद होने की खबर सुनते ही पैतृक गांव में शोक की लहर छा गई। हालांकि, यहां पूरे गांव में हर किसी को शहीद पर गर्व महसूस हो रहा है। गणपतराम ने 3 साल पहले ही सेना को ज्वॉइन किया था। बताया जा रहा है कि 8 जून 2014 को वे सेना में जवान के रूप में भर्ती हुए।
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सेना से मिली जानकारी के अनुसार शहीद गणपतराम की पार्थिव देह कल सुबह उनके पैतृक गांव खुड़ियाला पहुंचेगी। यहां राजकीय और सैनिक सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं, गणपतराम के शहीद होने की खबर सुनते ही पैतृक गांव में शोक की लहर छा गई। हालांकि, यहां पूरे गांव में हर किसी को शहीद पर गर्व महसूस हो रहा है। गणपतराम ने 3 साल पहले ही सेना को ज्वॉइन किया था। बताया जा रहा है कि 8 जून 2014 को वे सेना में जवान के रूप में भर्ती हुए।
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दो साल पहले ही हुई थी शादी
शहीद गणपतराम
- फोटो : amar ujala
जवान गणपतराम की 2 साल पहले ही शादी हुई थी। अपने बेटे के शहीद होने का समाचार सुनने के बाद उनके पिता कुछ देर के लिए तो खामोश हो गए, लेकिन उसके बाद में उन्होंने कहा कि वे अपने और बेटों को भी फौज में भेजेंगे। उनका कहना है कि यदि हम बेटों को सेना में नहीं भेजेंगे तो देश की रक्षा कौन करेगा। पिता ने अपने बेटे के शहीद होने की खबर अभी तक अपने परिवार को नहीं बताई। इसके चलते ही वह अपने घर से दूर पड़ौसी के यहां बैठे हुए अपने बेटे की पार्थिव देह का इंतजार कर रहे हैं। शहीद के पिता ने सरकार से गुहार लगाई है कि सरकार पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दे।