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अक्षय तृतीया: बेटी की शादी से पहले माता-पिता ने लिए फेरे
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 28 Apr 2017 07:35 PM IST
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बेटी अनिता के साथ मां फूलवती और पिता सीताराम
कोटा के देवरी में बेटी की शादी से पहले एक दंपती ने पहले खुद शादी की फिर अपनी बेटी के हाथ पीले कर कन्यादान किया। दुल्हन के माता-पिता डेढ़ दशक से दाम्पत्य जीवन जी तो रहे थे, लेकिन कुछ कमी थी।
जानकारी के अनुसार बीलखेड़ा माल गांव के रहने वाले सीताराम मेहता और फूलवती बाई नाता प्रथा के तहत पिछले 16 साल से अपना दांपत्य जीवन बिता रहे थे। इसी दौरान इनकी बेटी अनिता की शादी अक्षय तृतीया के मौके पर तय हो गई। पंडितों ने बताया कि आप दोनों नाता प्रथा के तहत अपना जीवन बिता रहे हैं। ऐसे में बेटी का कन्यादान नहीं कर सकते। बेटी के कन्यादान के लिए आपको अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लेने होंगे।
अब इनके सामने समस्या ये थी कि बेटी का कन्यादान करने के लिए माता—पिता का विवाहित होना जरूरी है। इसके लिए इन्होंने बेटी की शादी से तीन दिन पहले खुद के विवाह की रस्मों को पूरा किया।
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इस दंपती ने हल्दी—उबटन, तेल चढ़ाने की रस्म सहित भात पहना और अग्नि को साक्षी मानकर फेरे लिए। तब जाकर ये दंपती हिंदु मान्यता के अनुसार पति—पत्नी कहलाए। अब शुक्रवार को इस दंपती ने सामूहिक विवाह आयोजन में अपनी बेटी अनिता का कन्यादान किया।
अनिता ने भी अपने माता—पिता को धन्यवाद दिया और आशीर्वाद लेकर अपने विवाहित जीवन में कदम रखा। पंडितों के अनुसार बेटी की शादी में कन्यादान करने के लिए उसके माता—पिता ने दोबारा शादी की।
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जानकारी के अनुसार बीलखेड़ा माल गांव के रहने वाले सीताराम मेहता और फूलवती बाई नाता प्रथा के तहत पिछले 16 साल से अपना दांपत्य जीवन बिता रहे थे। इसी दौरान इनकी बेटी अनिता की शादी अक्षय तृतीया के मौके पर तय हो गई। पंडितों ने बताया कि आप दोनों नाता प्रथा के तहत अपना जीवन बिता रहे हैं। ऐसे में बेटी का कन्यादान नहीं कर सकते। बेटी के कन्यादान के लिए आपको अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लेने होंगे।
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अब इनके सामने समस्या ये थी कि बेटी का कन्यादान करने के लिए माता—पिता का विवाहित होना जरूरी है। इसके लिए इन्होंने बेटी की शादी से तीन दिन पहले खुद के विवाह की रस्मों को पूरा किया।
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इस दंपती ने हल्दी—उबटन, तेल चढ़ाने की रस्म सहित भात पहना और अग्नि को साक्षी मानकर फेरे लिए। तब जाकर ये दंपती हिंदु मान्यता के अनुसार पति—पत्नी कहलाए। अब शुक्रवार को इस दंपती ने सामूहिक विवाह आयोजन में अपनी बेटी अनिता का कन्यादान किया।
अनिता ने भी अपने माता—पिता को धन्यवाद दिया और आशीर्वाद लेकर अपने विवाहित जीवन में कदम रखा। पंडितों के अनुसार बेटी की शादी में कन्यादान करने के लिए उसके माता—पिता ने दोबारा शादी की।