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'ठाकुरजी' की अर्जी पर अदालत ने सरकार पर लगाया जुर्माना
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 01 Sep 2017 07:24 PM IST
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महारानी कॉलेज के पास स्थित मंदिर की भूमि अवाप्ति से जुडे मामले में 11 साल से जवाब पेश नहीं करने पर राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
अदालत ने जुर्माना राशि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा कराने के आदेश देते हुए 7 सितंबर को जवाब पेश करने का अंतिम मौका दिया है। इसके साथ ही अदालत ने आदेश की कॉपी पीडब्ल्यूडी सचिव को भेजी है। न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश ठाकुर श्रीपंचबिहारी जी की ओर से दायर याचिका सुनवाई करते हुए दिए। मामले के अनुसार याचिकाकर्ता ने महारानी कॉलेज परिसर स्थित मंदिर की भूमि अवाप्ति को लेकर वर्ष 2006 में याचिका दायर की थी। याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के बाद अदालत ने नोटिस भी जारी किए थे।
राज्य सरकार पर 11 साल पहले नोटिस तामील होने के बाद भी अब तक जवाब पेश नहीं किया गया। इस पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने गत 17 फरवरी को जवाब पेश करने के लिए अंतिम मौका दिया था। शुक्रवार को भी राज्य सरकार की ओर से जवाब पेश नहीं किया गया। इस पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने राज्य सरकार पर पचास हजार रुपए का हर्जाना लगाते हुए 7 सितंबर को जवाब पेश करने का अंतिम मौका दिया है।
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अदालत ने जुर्माना राशि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा कराने के आदेश देते हुए 7 सितंबर को जवाब पेश करने का अंतिम मौका दिया है। इसके साथ ही अदालत ने आदेश की कॉपी पीडब्ल्यूडी सचिव को भेजी है। न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश ठाकुर श्रीपंचबिहारी जी की ओर से दायर याचिका सुनवाई करते हुए दिए। मामले के अनुसार याचिकाकर्ता ने महारानी कॉलेज परिसर स्थित मंदिर की भूमि अवाप्ति को लेकर वर्ष 2006 में याचिका दायर की थी। याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के बाद अदालत ने नोटिस भी जारी किए थे।
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राज्य सरकार पर 11 साल पहले नोटिस तामील होने के बाद भी अब तक जवाब पेश नहीं किया गया। इस पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने गत 17 फरवरी को जवाब पेश करने के लिए अंतिम मौका दिया था। शुक्रवार को भी राज्य सरकार की ओर से जवाब पेश नहीं किया गया। इस पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने राज्य सरकार पर पचास हजार रुपए का हर्जाना लगाते हुए 7 सितंबर को जवाब पेश करने का अंतिम मौका दिया है।
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