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श्रीगंगानगर : सेना की जिप्सी में आग लगने से तीन जवान जिंदा जले, सड़क पर पड़े शव देख कांप गई रूह
Thu, 25 Mar 2021 10:49 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीगंगानगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीगंगानगर
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Thu, 25 Mar 2021 10:49 PM IST
सार
- जिप्सी में आग कैसे लगी, यह अभी पता नहीं चला
- कुल आठ सैन्यकर्मी सवार थे, मृतकों में एक यूपी का
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
राजस्थान के सीमावर्ती जिले गंगानगर में गुरुवार तड़के सेना के एक जिप्सी वाहन में आग लगने से तीन जवानों की जिंदा जलने से मौत हो गई। जिप्सी सवार पांच अन्य जवान बुरी तरह झुलस गए हैं। तीन शव सड़क पर पड़े थे। मौके का नजारा देख पुलिस कर्मियों व ग्रामीणों का दिल भर आया। उन्हें उठाते वक्त रूह कांप गई।
हादसे का कारण पता नहीं चला, एक जवान यूपी का
हादसा श्रीगंगानगर जिले के राजियासर के पास हुआ। यह इलाका भारत-पाकिस्तान सीमा से सटा है। मृतकों में सेना का एक सूबेदार और दो जवान शामिल हैं। यह हादसा कैसे हुआ, यह पता नहीं चला है। तीन मृत जवानों में एक यूपी के अजीत शुक्ला बताए गए हैं, जबकि दो अन्य आंधप्रदेश के सूबेदार ऐवेनेजर हमाडाला और पश्चिम बंगाल के देवकुमार (36) शामिल हैं।
विस्फोटक सामग्री थी जिप्सी में?
चूंकि सेना की जिप्सी थी, इसलिए माना जा रहा है कि उसमें युद्धाभ्यास की विस्फोटक सामग्री रखी होगी और हादसे की वजह से उसमें धमाका हो गया। आग इतनी तेजी से पफैली की जवान वाहन से बाहर नहीं निकल सके।
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हरियाणा से लौट रहे व्यक्ति ने बताया-भयावह था मंजर, चीख रहे थे जवान
राजियासर गांव के एक व्यक्ति ने बताया कि हादसे के कुछ देर बाद वह मौके पर पहुंचे थे। वह हरियाणा से लौट रहे थे। घटनास्थल राजियासर गांव के मुख्य मार्ग पर दो-तीन जवान चिल्ला रहे थे। वहां से गुजर रहे वाहनों को रोकने की कोशिश कर रहे थे। कोई नहीं रुक रहा था। जवानों को देखकर मैंने गाड़ी रोकी तो एक जवान ने कहा-मदद करिए, हमारे कुछ जवान जल गए हैं। मैं अपने दोस्त के साथ तुरंत गाड़ी से उतरा और वहां दौड़ पड़ा जहां से जवानों के चीखने की आवाज आ रही थी।
जलती जिप्सी में फंसे थे दो जवान, खींचा तो आधा शरीर हाथ आया
पास जाकर देखा तो जिप्सी जल रही थी और दो जवान उसमें फंसे जवानों को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे। जैसे-तैसे एक साथी को खींचा लेकिन उसका आधा शरीर ही हाथ आया। एक जवान का शरीर बुरी तरह से जल चुका था। जले हुए दो शव अन्य शव पहले से जिप्सी से कुछ दूरी पर पड़े थे।
चादर में इकट्ठा करने पड़े अंग
कुछ देर में राजियासर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस कर्मियों व ग्रामीणों ने बमुश्किल शवों के अंगों को इकट्ठा किया और एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया। पुलिस घटना की जांच कर रही है।
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हादसे का कारण पता नहीं चला, एक जवान यूपी का
हादसा श्रीगंगानगर जिले के राजियासर के पास हुआ। यह इलाका भारत-पाकिस्तान सीमा से सटा है। मृतकों में सेना का एक सूबेदार और दो जवान शामिल हैं। यह हादसा कैसे हुआ, यह पता नहीं चला है। तीन मृत जवानों में एक यूपी के अजीत शुक्ला बताए गए हैं, जबकि दो अन्य आंधप्रदेश के सूबेदार ऐवेनेजर हमाडाला और पश्चिम बंगाल के देवकुमार (36) शामिल हैं।
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विस्फोटक सामग्री थी जिप्सी में?
चूंकि सेना की जिप्सी थी, इसलिए माना जा रहा है कि उसमें युद्धाभ्यास की विस्फोटक सामग्री रखी होगी और हादसे की वजह से उसमें धमाका हो गया। आग इतनी तेजी से पफैली की जवान वाहन से बाहर नहीं निकल सके।
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हरियाणा से लौट रहे व्यक्ति ने बताया-भयावह था मंजर, चीख रहे थे जवान
राजियासर गांव के एक व्यक्ति ने बताया कि हादसे के कुछ देर बाद वह मौके पर पहुंचे थे। वह हरियाणा से लौट रहे थे। घटनास्थल राजियासर गांव के मुख्य मार्ग पर दो-तीन जवान चिल्ला रहे थे। वहां से गुजर रहे वाहनों को रोकने की कोशिश कर रहे थे। कोई नहीं रुक रहा था। जवानों को देखकर मैंने गाड़ी रोकी तो एक जवान ने कहा-मदद करिए, हमारे कुछ जवान जल गए हैं। मैं अपने दोस्त के साथ तुरंत गाड़ी से उतरा और वहां दौड़ पड़ा जहां से जवानों के चीखने की आवाज आ रही थी।
जलती जिप्सी में फंसे थे दो जवान, खींचा तो आधा शरीर हाथ आया
पास जाकर देखा तो जिप्सी जल रही थी और दो जवान उसमें फंसे जवानों को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे। जैसे-तैसे एक साथी को खींचा लेकिन उसका आधा शरीर ही हाथ आया। एक जवान का शरीर बुरी तरह से जल चुका था। जले हुए दो शव अन्य शव पहले से जिप्सी से कुछ दूरी पर पड़े थे।
चादर में इकट्ठा करने पड़े अंग
कुछ देर में राजियासर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस कर्मियों व ग्रामीणों ने बमुश्किल शवों के अंगों को इकट्ठा किया और एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया। पुलिस घटना की जांच कर रही है।