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नमक बनाने वाली रिफाइनरी पर मंडरा रहे संकट के बादल, जानिए क्यों
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 11 Dec 2017 06:47 PM IST
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कहते हैं कि राजस्थान के नमक का स्वाद तो अंग्रेज भी नहीं भूल पाए थे। इसके पीछे यहां के नमक की शुद्धता को माना जाता है। हालांकि, अब यहां नमक रिफाइनरी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। जिसके चलते हजारों लोगों के बेरोजगार होने का खतरा भी खड़ा हो गया है।
दरअसल, उच्चतम न्यायालय ने चार राज्यों में पेट कोक (पेट्रोलियम कोक) के इस्तेमाल पर रोक लगाई है। इनमें राजस्थान सहित दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश शामिल है। पहले इस रोक में प्रदूषण को देखते हुए केवल दिल्ली-एनसीआर ही शामिल था, लेकिन बाद में उच्चतम न्यायालय ने अन्य तीन राज्यों में भी पेट कोक के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी। ऐसे में इन राज्यों में पेट कोक का इस्तेमाल करने वाले उद्योगों पर संकट मंडरा गया है।
हालात ये हैं कि राजस्थान के सीमेंट, लाइम स्टोन, टेक्सटाइल, सेरामिक, फर्टिलाइजर और नमक रिफाइनरी उद्योग इस रोक से खासा प्रभावित हो रहे हैं।
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दरअसल, उच्चतम न्यायालय ने चार राज्यों में पेट कोक (पेट्रोलियम कोक) के इस्तेमाल पर रोक लगाई है। इनमें राजस्थान सहित दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश शामिल है। पहले इस रोक में प्रदूषण को देखते हुए केवल दिल्ली-एनसीआर ही शामिल था, लेकिन बाद में उच्चतम न्यायालय ने अन्य तीन राज्यों में भी पेट कोक के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी। ऐसे में इन राज्यों में पेट कोक का इस्तेमाल करने वाले उद्योगों पर संकट मंडरा गया है।
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हालात ये हैं कि राजस्थान के सीमेंट, लाइम स्टोन, टेक्सटाइल, सेरामिक, फर्टिलाइजर और नमक रिफाइनरी उद्योग इस रोक से खासा प्रभावित हो रहे हैं।
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कई राज्यों में जाता है प्रदेश का नमक
file photo
जानकारी के अनुसार, पेट कोक को नमक रिफाइनरी में बॉयलर ईंधन के रूप में काम में लिया जाता है। लेकिन अब पेट कोक पर पाबंदी के कारण वैकल्पिक ईंधन का इस्तेमाल करने पर इंडस्ट्री संचालक विचार कर रहे हैं। यहां समस्या यह है कि वैकल्पिक ईंधन काफी महंगा है। ऐसे में इसका सीधा असर उद्योगों पर पड़ेगा और नमक रिफाइनरी जैसे उद्योग बंद होने के कगार पर आ जाएंगे।
नमक रिफाइनरी एसोसिएशन से जुड़े लोगों का कहना है कि पेट कोक पर रोक लगने के बाद से कोई निर्देश नहीं मिले हैं, लेकिन जल्द ही कोई निर्णय नहीं होता है तो रिफाइनरियां बंद हो जाएंगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश से हर माह करीब 30 मालगाड़ियों से नमक का निर्यात किया जाता है। ऐसे में रेलवे और ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को भी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ेगा।
साथ ही, इन रिफाइनरियों में कार्यरत लोग भी बेरोजगार हो जाएंगे। गौरतलब है कि राजस्थान के सांभर, नावां, गुढ़ा और राजास में लगी नमक रिफानरियों से दिल्ली, बिहार, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडीशा, झारखंड और हरियाणा में नमकी की आपूर्ति की जाती है।
नमक रिफाइनरी एसोसिएशन से जुड़े लोगों का कहना है कि पेट कोक पर रोक लगने के बाद से कोई निर्देश नहीं मिले हैं, लेकिन जल्द ही कोई निर्णय नहीं होता है तो रिफाइनरियां बंद हो जाएंगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश से हर माह करीब 30 मालगाड़ियों से नमक का निर्यात किया जाता है। ऐसे में रेलवे और ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को भी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ेगा।
साथ ही, इन रिफाइनरियों में कार्यरत लोग भी बेरोजगार हो जाएंगे। गौरतलब है कि राजस्थान के सांभर, नावां, गुढ़ा और राजास में लगी नमक रिफानरियों से दिल्ली, बिहार, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडीशा, झारखंड और हरियाणा में नमकी की आपूर्ति की जाती है।