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आरपीएससी सचिव और वित्त सचिव को अवमानना नोटिस जारी, ये है मामला
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 15 Nov 2017 07:56 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने अदालती आदेश के बावजूद याचिकाकर्ता को कनिष्ठ लेखाकार पद पर अंतरिम रूप से नियुक्त नहीं करने पर आरपीएससी सचिव और वित्त सचिव को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश मीतू भंडारी की ओर से दायर अवमानना याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता ने कनिष्ठ लेखाकार भर्ती-2013 में आवेदन किया था, लेकिन उसे यह कहते हुए नियुक्ति नहीं दी गई कि उसके पास आरएससीआईटी कम्प्यूटर पात्रता नहीं है। याचिकाकर्ता का कहना है कि उसने बीटेक में कम्प्यूटर परीक्षा उत्तीर्ण की है। ऐसे में आरएससीआईटी से उच्च पात्रता होने के कारण उसे नियुक्ति दी जाए। इस पर अदालत ने गत जुलाई माह में प्रकरण की सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को अंतरिम रूप से कनिष्ठ लेखाकार पद पर नियुक्ति के आदेश दिए।
अदालती आदेश के बावजूद याचिकाकर्ता को नियुक्त नहीं किया गया। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश मीतू भंडारी की ओर से दायर अवमानना याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता ने कनिष्ठ लेखाकार भर्ती-2013 में आवेदन किया था, लेकिन उसे यह कहते हुए नियुक्ति नहीं दी गई कि उसके पास आरएससीआईटी कम्प्यूटर पात्रता नहीं है। याचिकाकर्ता का कहना है कि उसने बीटेक में कम्प्यूटर परीक्षा उत्तीर्ण की है। ऐसे में आरएससीआईटी से उच्च पात्रता होने के कारण उसे नियुक्ति दी जाए। इस पर अदालत ने गत जुलाई माह में प्रकरण की सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को अंतरिम रूप से कनिष्ठ लेखाकार पद पर नियुक्ति के आदेश दिए।
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अदालती आदेश के बावजूद याचिकाकर्ता को नियुक्त नहीं किया गया। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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