RPSC Paper Leak: पेपर लीक करने वालों पर सख्त कार्रवाई, जब्त होगी संपत्ति, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगेगा
डीजीपी उमेश मिश्रा ने बताया कि आरपीएससी पेपर लीक मामले में सभी आरोपियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वहीं आरोपियों की मदद करने वालों को भी नहीं बख्शा जाएगा।
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आरपीएससी वरिष्ठ शिक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हो गया। जिसके बाद जीके का पेपर रद्द कर दिया गया। पेपर लीक को लेकर सरकार सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है। पेपर लीक गैंग पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाया जाएगा।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार गहलोत सरकार ने नकल गिरोह पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद डीजीपी उमेश मिश्रा ने कहा कि पेपर लीक गैंग के हर बदमाश के खिलाफ एनएसए लगाया जाएगा। इसके अंदर पकड़े गए बदमाशों की संपत्ति भी जब्त की जाएगी। जिससे बदमाशों में डर पैदा होगा।
मदद करने वालों पर भी होगी सख्त कार्रवाई
डीजीपी उमेश मिश्रा ने बताया कि इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। इस नकल में लिप्त सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।आरोपियों पर एनएसए के साथ पासा (प्रिवेंटिव ऑफ एंटी सोसियल एक्टिविटी एक्ट) भी लगाया जाएगा। वहीं बदमाशों को आर्थिक मदद और शरण देनेवालों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
29 जनवरी को होगी जीके की परीक्षा
बता दें कि आरपीएससी की ओर से आयोजित वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा में शनिवार को उदयपुर में जीके का पेपर लीक हो गया था। पुलिस ने नाकाबंदी में अभ्यर्थियों को चलती बस में पेपर सॉल्व करते हुए पकड़ा था। जिसके बाद आरपीएससी ने जीके के पेपर को निरस्त कर दिया। निरस्त पेपर अब 29 जनवरी को होगा।
पांच दिन के रिमांड पर आरोपी
वहीं पुलिस ने पेपर लीक के मास्टरमाइंड सुरेश बिश्नोई सहित 46 लोगों को पकड़ा था। आरपीएससी ने कार्रवाई करते हुए सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा से हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया है।
क्या है पासा
डीजीपी उमेश मिश्रा ने नकल गिरोह पर पासा एक्ट लगाने की बात कही है। जानिए क्या है पासा एक्ट ? पासा एक्ट (PASA ACT) के तहत उन व्यक्तियों पर कार्रवाई की जाती है, जिनके अपराध से समाज प्रभावित होता है। इसके अनुसार व्यक्ति को बिना किसी सार्वजनिक प्रकटीकरण के एक वर्ष तक की अवधि के लिए हिरासत में रखा जा सकता है।
क्या है एनएसए (NSA)
राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम-1980 में बनाया गया था। यह कानून देश की सुरक्षा के लिए सरकार को अधिक शक्ति देने से संबंधित हैं। यह कानून केन्द्र और राज्य सरकार को ऐसे बदमाशों को गिरफ्तार करने के आदेश देती है, जिनकी वजह से बड़ा समूह या समाज प्रभावित होता है। पुलिस इन बदमाशों को बिना बताए गिरफ्तार कर सकती है। इसके लिए पुलिस को पब्लिकली जानकारी देने की जरूरत नहीं होती।