{"_id":"63d602ff53eb8a7a99519ef6","slug":"regular-attendance-of-students-and-teachers-will-be-monitored-2023-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jaipur: विद्यार्थियों और शिक्षकों के नियमित आने की होगी मॉनिटरिंग, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री ने निर्देश दिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jaipur: विद्यार्थियों और शिक्षकों के नियमित आने की होगी मॉनिटरिंग, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री ने निर्देश दिए
Sun, 29 Jan 2023 10:55 AM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Sun, 29 Jan 2023 10:55 AM IST
सार
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री राजेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि राज्य में विश्वविद्यालयों में सुधार जरूरी हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसा सॉफ्टवेयर विकसित किया जाए, जिससे लोगों के आने की मॉनिटरिंग की जा सके।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री राजेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि राज्य में विश्वविद्यालयों में गुणवत्ता पूर्ण सुधार के लिए यह जरूरी है कि विश्वविद्यालयों में विद्यार्थी तथा शिक्षक नियमित रूप से आएं। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसा सॉफ्टवेयर विकसित किया जाए, जिससे विभाग स्तर पर इनके नियमित आने की लगातार मॉनिटरिंग की जा सके। यादव शिक्षा संकुल में राजस्थान उच्चतर शिक्षा परिषद की चौथी बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इस परिषद का गठन विद्यार्थियों तक उच्च शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने, इस क्षेत्र में काम कर रही संस्थाओं की गुणवत्ता सुधारने तथा जवाबदेही तय करने के लिए की गई है। उन्होंने कहा कि परिषद के हितधारकों के सभी सुझावों को अमल में लाने का प्रयास विभाग द्वारा किया जाएगा। उन्होंने आह्वान किया कि राज्य उच्च शिक्षा में ऐसे मुकाम पर पहुंचे जिसका अन्य राज्य भी अनुसरण करें।
विज्ञापन
जरूरी प्रयास तथा बदलाव करने होंगे
यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा चिंतन शिविर में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि के प्रति व्यक्त प्रतिबद्धता तथा सरकार द्वारा पिछले चार वर्षों में उच्च शिक्षण संस्थानों की संख्यात्मक अभिवृद्धि से उच्च शिक्षा नए आयामों को प्राप्त करेगी। उन्होंने विभागीय उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2018 तक राज्य में सामान्य शिक्षा के 250 महाविद्यालय थे, जबकि गत चार वर्ष में 211 नए कॉलेज और 42 नए कृषि महाविद्यालय खोले गए हैं। साथ ही दिव्यांग जनों के लिए राज्य में पहली बार मूकबधिर महाविद्यालय खोला गया है। उन्होंने कहा कि राज्य शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए महाविद्यालयों में सेमेस्टर परीक्षा प्रणाली तथा विकल्प आधारित क्रेडिट सिस्टम को लागू करने की दिशा में जरूरी प्रयास तथा बदलाव करने होंगे।
विज्ञापन
युवाओं को मिलेंगे रोजगार के बेहतर अवसर
उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख शासन सचिव भवानी सिंह देथा ने कहा कि विभाग द्वारा उच्च शिक्षा में सुधार के लिए राजीव गांधी स्कॉलरशिप योजना सहित विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनसे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलने की संभावनाएं बनेंगी। उन्होंने कहा कि विभाग एनएएसी से ग्रेड प्राप्त करने के लिए महाविद्यालयों की लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है, परिणाम स्वरूप विभिन्न महाविद्यालयों ने एनएएसी से ग्रेड प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान(रूसा) के कार्यों को गति दी जाएगी एवं रूसा लाभार्थी संस्थाओं की थर्ड पार्टी ऑडिट करवायी जाएगी।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के दिए सुझाव
राजस्थान राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद की बैठक में संकल्प किया गया कि प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षण नीति 2020 के मुख्य घटकों में से सी.बी.सी.एस. 2023-24 से, बहु विषयक स्नातक डिग्री कार्यक्रम, मल्टी एण्ट्री एण्ड एक्सिट 2025 से लागू किया जाएगा। इस अवसर पर जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.एल. श्रीवास्तव तथा हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुधि राजीव सहित समिति के सभी हितधारकों ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के लिए सुझाव दिए। बैठक में राजस्थान राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद की कार्यप्रणाली, विभागीय योजनाओं, उपलब्धियों तथा नवाचारों को प्रस्तुतिकरण के माध्यम से दिखाया गया।