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Rajasthan: गहलोत गुट पर मदेरणा का निशाना, कहा- समय कैसे बदला, सबसे पहले बधाई देने पहुंच गए इंतजार कराने वाले
Thu, 20 Oct 2022 08:57 AM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 20 Oct 2022 08:57 AM IST
सार
कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को बधाई देने पहुंचे सीएम अशोक गहलोत के नजदीकी लोगों को निशाने पर लिया गया है। सचिन पायलट गुट के एक विधायक ने निशाना साधते हुए ट्वीट किया है।
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राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत अपने कुछ विधायकोें के साथ खरगे को बधाई देने पहुंचे थे।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
राजस्थान में कांग्रेस पार्टी में गुटबाजी और सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है। कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को बधाई देने पहुंचे सीएम अशोक गहलोत के नजदीकी लोगों को निशाने पर लिया गया है। सचिन पायलट गुट के एक विधायक ने निशाना साधते हुए ट्वीट किया है। कहा है कभी इंतजार कराने वाले सबसे पहले बझाई देने पहुंचे हैं। हालांकि किसी का नाम लिया पर निशाना किस तरफ है ये तो सभी समझ ही गए हैं।
बता दें कि राजस्थान जोधपुर के ओसियां से कांग्रेस विधायक दिव्या मदेरणा ने ट्वीट में लिखा है कि हाईकमान के खिलाफ साजिश वाले लोग सबसे पहले हैं जो कांग्रेस के नए अध्यक्ष को बधाई देने दिल्ली गए हैं। संयोग से मल्लिकार्जुन खरगे विधायक दल की बैठक में हिस्सा लेने जयपुर भेजे गए पर्यवेक्षकों में एक थे जिन्होंने बाद में अनुशासन समिति को एक लिखित रिपोर्ट सौंपी और जिसके आधार पर नोटिस जारी हुए। मदेरणा ने आगे कहा कि समय का फेर है -मिलने तक नहीं आए खरगे जी के लाख बुलाने पर, विधायक दल की मीटिंग को बायकॉट कर समांतर मीटिंग की और यही मुख्य सचेतक और संसदीय कार्य मंत्री प्रतिनिधि बनकर आए तो खरगेजी के सामने शर्त रखी कि जो फैसला होगा वह 19 अक्टूबर के बाद होगा व हम सिर्फ सोनिया गांधी जी से मिलेंगे।
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बता दें कि राजस्थान जोधपुर के ओसियां से कांग्रेस विधायक दिव्या मदेरणा ने ट्वीट में लिखा है कि हाईकमान के खिलाफ साजिश वाले लोग सबसे पहले हैं जो कांग्रेस के नए अध्यक्ष को बधाई देने दिल्ली गए हैं। संयोग से मल्लिकार्जुन खरगे विधायक दल की बैठक में हिस्सा लेने जयपुर भेजे गए पर्यवेक्षकों में एक थे जिन्होंने बाद में अनुशासन समिति को एक लिखित रिपोर्ट सौंपी और जिसके आधार पर नोटिस जारी हुए। मदेरणा ने आगे कहा कि समय का फेर है -मिलने तक नहीं आए खरगे जी के लाख बुलाने पर, विधायक दल की मीटिंग को बायकॉट कर समांतर मीटिंग की और यही मुख्य सचेतक और संसदीय कार्य मंत्री प्रतिनिधि बनकर आए तो खरगेजी के सामने शर्त रखी कि जो फैसला होगा वह 19 अक्टूबर के बाद होगा व हम सिर्फ सोनिया गांधी जी से मिलेंगे।
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कांग्रेस विधायक दिव्या मदेरणा।
- फोटो : सोशल मीडिया
मदेरणा ने शांति धारीवाल, महेश जोशी और धर्मेंद्र राठौर की तस्वीरें साझा कीं हैं। ये सभी सीएम अशोक गहलोत के नजदीकी माने जाते हैं। उन्होंने बताया कि समय कैसे बदल गया है। किसी का नाम लिए बिना एक ट्वीट में कहा, "आलाकमान के खिलाफ साजिशकर्ता नए कांग्रेस अध्यक्ष को बधाई देने के लिए सबसे पहले दिल्ली गए।" मदेरणा ने 25 सितंबर की घटना को जोड़ते हुए लिखा है कि उस दिन खरगे के बुलाने पर नहीं आए। अब बधाई देने सबसे पहले पहुंचे हैं।
गौरतलब है कि बीते महीने, खरगे और अजय माकन को कांग्रेस विधायक दल की बैठक के लिए पर्यवेक्षक के रूप में भेजा गया था। कांग्रेस प्रमुख को गहलोत के उत्तराधिकारी की नियुक्ति के लिए अधिकृत करने हेतु एक प्रस्ताव पारित करने के लिए बैठक बुलाई गई थी। हालांकि 82 विधायकों ने बैठक का बहिष्कार किया और धारीवाल के आवास पर समानांतर बैठक की थी। खरगे और अजय माकन को बिना मीटिंग के जयपुर से लौटना पड़ा था। खरगे और माकन ने तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपनी लिखित रिपोर्ट सौंपी थी, इसके बाद पार्टी की अनुशासन समिति ने नोटिस भेजा था, जिसमें राज्य के तीन नेताओं पर "घोर अनुशासनहीनता" का आरोप लगाया गया था।
गौरतलब है कि बीते महीने, खरगे और अजय माकन को कांग्रेस विधायक दल की बैठक के लिए पर्यवेक्षक के रूप में भेजा गया था। कांग्रेस प्रमुख को गहलोत के उत्तराधिकारी की नियुक्ति के लिए अधिकृत करने हेतु एक प्रस्ताव पारित करने के लिए बैठक बुलाई गई थी। हालांकि 82 विधायकों ने बैठक का बहिष्कार किया और धारीवाल के आवास पर समानांतर बैठक की थी। खरगे और अजय माकन को बिना मीटिंग के जयपुर से लौटना पड़ा था। खरगे और माकन ने तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपनी लिखित रिपोर्ट सौंपी थी, इसके बाद पार्टी की अनुशासन समिति ने नोटिस भेजा था, जिसमें राज्य के तीन नेताओं पर "घोर अनुशासनहीनता" का आरोप लगाया गया था।