मासूम रुद्राक्ष के अपहरण व नृशंस हत्या के आरोपी को मिली फांसी, मांगे थे दो करोड़
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बहुचर्चित रुद्राक्ष हत्याकांड मामले को अदालत ने रेयर ऑफ द रेयरेस्ट मानते हुए मुख्य आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है। इस मामले में उसके भाई को आजीवन कारावास और दो अन्य को भी सजा सुनाई है। राजस्थान के कोटा शहर में साढ़े तीन साल पहले हुई इस घटना ने हिलाकर रख दिया था।
कोटा की एसटीएससी अदालत ने रुद्राक्ष अपहरण व हत्याकांड के मुख्य आरोपी बिजनेसमैन अंकुर पाड़िया को फांसी की सजा सुनाई है, जबकि अंकुर को सहयोग करने के आरोप में उसके भाई अनूप पाड़िया को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
इस मामले में दो अन्य सहअभियुक्त अंकर के नौकर महावीर को चार और करणजीत सिंह को दो साल की सजा सुनाई है। कोटा के तलवंडी निवासी बैंक मैनेजर के सात साल के बेटे का 9 अक्टूबर 2014 को अपहरण कर दो करोड़ की फिरौती मांगी थी, लेकिन अगले दिन नहर से बच्चे की लाश बरामद हुई थी।
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इस मामले की सुनवाई करीब सवा तीन साल चली और इस दौरान 110 लोगों की गवाही हुई। सजा सुनाए जाने के बाद रुद्राक्ष के माता-पिता ने कोर्ट परिसर में मीडिया से कहा कि उन्हें न्याय मिला है। हत्यारे को फांसी की सजा मिलनी चाहिए, ताकि वे उन्हें बड़ा सबक मिले।
गौरतलब है कि 9 अक्टूबर 2014 की रात को मासूम रुद्राक्ष का मुख्य आरोपी अंकुर पाड़िया ने तलवंडी के हनुमान पार्क से अपहरण किया था। वह उसे चॉकलेट दिलाने के बहाने पार्क से उठाकर ले गया।
उसके बाद वो उसे लेकर जगह-जगह घूमता रहा और परिजनों से दो करोड़ रुपए की फिरौती मांगी।
इस अपरहरण कांड के बाद पुलिस की सक्रियता के बाद अंकुर काफी घबरा गया और उसने रुद्राक्ष को मौत के घाट उतार दिया।
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इसके बाद वे कई दिन तक कोटा में छिपा रहा और पुलिस को गुमराह करता रहा। पुलिस ने हाईटेक अंदाज में वारदात का खुलासा करते हुए अंकुर पाड़िया को कानपुर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इस मामले में उसके भाई अनूप, साथी महावीर और करणजीत सिंह को भी गिरफ्तार किया।