{"_id":"5a2aabcc4f1c1bc9678c0a60","slug":"rajasthan-high-court-order-do-not-cut-electricity-connection-of-printing-factories-now","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अब नहीं कटेंगे छपाई फैक्ट्रियों के बिजली कनेक्शन, हाईकोर्ट ने लगाई रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब नहीं कटेंगे छपाई फैक्ट्रियों के बिजली कनेक्शन, हाईकोर्ट ने लगाई रोक
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 08 Dec 2017 08:51 PM IST
विज्ञापन
अदालत।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान हाईकोर्ट ने सांगानेर की कपड़ा रंगाई-छपाई फैक्ट्रियों के बिजली कनेक्शन काटने के अपने गत तीन अगस्त के आदेश पर रोक लगा दी है।
मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नान्द्रजोग और न्यायाधीश वीके व्यास की खंडपीठ ने यह आदेश सांगानेर कपड़ा रंगाई-छपाई एसोसिएशन की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
पुनर्विचार याचिका में कहा गया कि हाईकोर्ट पहले ही पीएन मैंदोला की याचिका पर इस संबंध में विस्तृत आदेश दे चुका है और हाईकोर्ट प्रकरण की मॉनिटरिंग भी कर रहा है। ऐसे में तीन अगस्त का आदेश हाईकोर्ट के अपने ही आदेश के विपरीत है।
इसके अलावा अधिकांश फैक्ट्रियों ने अपने इटीपी प्लांट लगा लिए हैं और सीईटीपी प्लांट की स्थापनाका सिविल काम पूरा हो चुका है। याचिका में यह भी कहा गया कि तीन अगस्त का आदेश देने से पहले उन्हें सुनवाई का मौका भी नहीं दिया गया। ऐसे में अपने आदेश को वापस लिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नान्द्रजोग और न्यायाधीश वीके व्यास की खंडपीठ ने यह आदेश सांगानेर कपड़ा रंगाई-छपाई एसोसिएशन की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
पुनर्विचार याचिका में कहा गया कि हाईकोर्ट पहले ही पीएन मैंदोला की याचिका पर इस संबंध में विस्तृत आदेश दे चुका है और हाईकोर्ट प्रकरण की मॉनिटरिंग भी कर रहा है। ऐसे में तीन अगस्त का आदेश हाईकोर्ट के अपने ही आदेश के विपरीत है।
विज्ञापन
इसके अलावा अधिकांश फैक्ट्रियों ने अपने इटीपी प्लांट लगा लिए हैं और सीईटीपी प्लांट की स्थापनाका सिविल काम पूरा हो चुका है। याचिका में यह भी कहा गया कि तीन अगस्त का आदेश देने से पहले उन्हें सुनवाई का मौका भी नहीं दिया गया। ऐसे में अपने आदेश को वापस लिया जाए।
विज्ञापन
यह है मामला
कोर्ट
- फोटो : सांकेतिक चित्र
गौरतलब है कि मुकेश मीणा की जनहित याचिका में इन फैक्ट्रियों से निकलने वाले अपशिष्ट के कारण प्रदूषण की शिकायत की गई थी।
याचिका में कहा गया था कि अपशिष्ट के लिए सीईटपी प्लांट लगाने और अलग से औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए हाईकोर्ट पूर्व में भी आदेश दे चुकी है। इसके बावजूद भी इन फैक्ट्रियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। इस पर अदालत ने गत तीन अगस्त को फैक्ट्रियों का बिजली कनेक्शन काटने के आदेश दिए थे।
याचिका में कहा गया था कि अपशिष्ट के लिए सीईटपी प्लांट लगाने और अलग से औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए हाईकोर्ट पूर्व में भी आदेश दे चुकी है। इसके बावजूद भी इन फैक्ट्रियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। इस पर अदालत ने गत तीन अगस्त को फैक्ट्रियों का बिजली कनेक्शन काटने के आदेश दिए थे।