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महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश के बाद अब राजस्थान में भी किसान आंदोलन की दस्तक

अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Wed, 07 Jun 2017 02:34 PM IST
फाइल फोटो।
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भाजपा शासित राज्यों महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश के बाद अब राजस्थान में भी किसान आंदोलन की आहट सुनाई देने लगी है। मंगलवार को मध्यप्रदेश के मंदसौर में हिंसात्मक आंदोलन के बाद यहां से महज 30 किलोमीटर दूर स्थित राजस्थान के प्रतापगढ़ में हालात तनावपूर्ण हो गए। प्रतापगढ़ में किसान कर्ज माफी, पेंशन सहित विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर हैं।
मामले के तहत प्रतापगढ़ में किसान छह दिन से धरने व अनशन पर हैं। हालांकि विभिन्न मांगों को लेकर अनशन पर बैठे किसानों का अनशन तो जिला प्रशासन ने मंगलवार को खत्म करवा दिया लेकिन धरना जारी रहेगा। इसके अतिरिक्त प्रतापगढ़ में किसान संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहे धरने में किसानों ने राज्य सरकार को विभिन्न मांगे मानने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है।मंगलवार को किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष घासीराम फागोडिया सहित अन्य किसान नेता प्रतापगढ़ पहुंच गए है। मंगलवार को जिला प्रशासन के साथ हुई वार्ता के बाद दूध व सब्जी की सप्लाई को प्रभावित नहीं करने पर सहमति बन गई है लेकिन धरना जारी रहेगा।

वहीं दूसरी और पास के क्षेत्र मंदसौर में किसान आंदोलन के हिंसात्मक हो जाने के बाद राजस्थान सरकार भी हरकत में आ गई है। मंगलवार रात्रि को संभागीय आयुक्त भवानी सिंह देथा व आईजी आनंद श्रीवास्तव प्रतापगढ़ पहुंच गए है। साथ ही प्रतापगढ़ में पुलिस सुरक्षा भी कड़ी कर दी गई है। 

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