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Politics: 74 दिन बाद भी नहीं हुआ राजस्थान विधानसभा का सत्रावसान, कहीं भारत जोड़ो यात्रा कारण तो नहीं!
Thu, 08 Dec 2022 08:14 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Thu, 08 Dec 2022 08:14 PM IST
सार
राजस्थान में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में भारत जोड़ो यात्रा जारी है। इसी बीच राजस्थान विधानसभा सत्र के सत्रावसान का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। 15वीं विधानसभा के 7वें सत्र के 74 दिन बीत जाने के बाद भी सत्रावसान नहीं हो पाया। कहीं इसके पीछे राहुल की यात्रा कारण तो नहीं, आइए समझते हैं राजनीतिक मायने।
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राजस्थान विधानसभा
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
राजस्थान विधानसभा सत्र का सत्रावसान नहीं किए जाने का मामला चर्चा का विषय बन हुआ है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं वर्तमान विधायक कैलाश चन्द्र मेघवाल ने राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष समेत संसदीय कार्यमंत्री को पत्र लिखकर अविलंब सत्रावसान करने की मांग रखी है। इस पत्र में इस बात की भी मांग की गई कि विधायकों के अधिकारों पर कुठाराघात रोका जाए। हाल ही में 24 सितंबर को सदन की बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित की गई थी, लेकिन 74 दिन बीत जाने के बाद भी सत्रावसान नहीं हुआ है।
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दरअसल, 15वीं विधानसभा के चौथे सत्र तक तो सत्रावसान एक सप्ताह से 15 दिन के भीतर कर दिया गया। लेकिन पांचवें सत्र को आहूत किए जाने के मामले में सरकार और राज्यपाल के बीच उठे विवाद के बाद सत्रावसान को लेकर समयावधि लंबी होने लगी। 15वीं विधानसभा के पांचवें सत्र की बैठक 24 अगस्त 2020 को राष्ट्रगान के साथ अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुई थी, लेकिन दो महीने तक सत्रावसान नहीं हुआ।
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21 जनवरी 2021 को हुआ पांचवें सत्र का सत्रावसान...
31 अक्टूबर 2020 को पांचवें-सत्र की बैठक दोबारा बुलाई गई। 2 नवंबर को 2020 को राष्ट्रगान के साथ बैठक फिर अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। उसके बाद पांचवें सत्र का सत्रावसान 21 जनवरी 2021 को किया गया। 15वीं विधानसभा का छठा सत्र 10 फरवरी 2021 को आहूत किया गया था, उसके बाद 19 मार्च को राष्ट्रगान के साथ अनिश्चितकाल के लिए बैठक स्थगित की गई। लेकिन पांच महीने तक सत्रावसान नहीं हुआ। इसके बाद 9 सितंबर 2021 को फिर से सदन की बैठक बुलाई गई और 15 सितंबर को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
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उसके बाद 17 सितंबर 2021 को सरकार के आग्रह पर फिर से सदन की बैठक हुई और 18 सितंबर 2021 को राष्ट्रगान के साथ अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इसके 71 दिन बाद यानी 29 दिसंबर 2021 को सत्र का सत्रावसान हुआ। विधानसभा के सातवें सत्र की बैठक 9 फरवरी 2022 को आहूत हुई थी। वह 28 फरवरी 2022 को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इस साल भी पांच महीने तक सत्रावसान नहीं करवाया गया। 19 सितंबर को फिर से बैठक बुलाई गई और 24 सितंबर को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई, लेकिन 74 दिन बीत जाने बाद अभी तक सत्रावसान नहीं हुआ है। संविधान के अनुच्छेद-174 के तहत एक कलेंडर वर्ष में विधानसभा के तीन सत्र होंगे। यह शीतकालीन, बजट और मानसून-सत्र होंगे और इनकी संख्या साठ से कम नहीं होगी।
कहीं भारत जोड़ो यात्रा कारण तो नहीं...
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का राजस्थान में सोमवार (5 दिसंबर) को पहला दिन रहा। सोमवार सुबह करीब 6 बजकर 11 मिनट पर झालावाड़ जिले के काली तलाई से यात्रा शुरू हुई। काली तलाई से बाली बोरडा तक करीब 14 किलोमीटर के सफर के साथ यात्रा का पहला फेज पूरा हुआ था।
ऐसे में आज यानी 8 दिसंबर को राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का चौथा दिन रहा। सोनिया गांधी गुरुवार को ही राजस्थान पहुंच गई हैं। 9 दिसंबर को राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी रणथंबौर में एक साथ रहेंगे और सोनिया उन दोनों के साथ ही अपना जन्मदिन मनाएंगी।
हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव के दरम्यान राजस्थान में जबरदस्त राजनीतिक संकट रहा। सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच जोरदार तकरार रही। ऐसे में गहलोत और पायलट के बीच तकरार, साथ ही साथ भारत जोड़ो यात्रा को लेकर होने वाली तैयारी भी राजस्थान विधानसभा सत्रावसान का एक कारण मानी जा सकती है। हालांकि, यह बात कभी सामने नहीं आई, लेकिन अंदरखाने में यह एक कारण हो सकता है। आगे क्या होगा, क्या राजस्थान विधानसभा का सत्रावसान होगा या कुछ और, यह आने वाला वक्त ही तय करेगा। फिलहाल, इसी बीच कांग्रेस ने अजय माकन की जगह सुखजिंदर सिंह रंधावा को राजस्थान का प्रभारी बनाया है।