{"_id":"591971e74f1c1bce3bf22971","slug":"protest-of-teachers-in-ajmer","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षा मंत्री खुद आकर देखें यहां कैसी हैं अव्यवस्था ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षा मंत्री खुद आकर देखें यहां कैसी हैं अव्यवस्था
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 15 May 2017 02:56 PM IST
विज्ञापन
आवासीय शिविर में बंद पड़े पंखे
- फोटो : amar ujala
शिक्षा विभाग के ग्रीष्मकालीन आवासीय शिविर सोमवार से शुरू भले ही हो गए हो, लेकिन इनकी शुरुआत के साथ ही विरोध भी तेज हो गया है। अव्यवस्थाओं से नाराज अजमेर में शिक्षकों ने शिक्षामंत्री को इन शिविर में आने का न्योता दिया है।
दरअसल, शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित होने वाले आवासीय शिविर के पहले सत्र का आगाज सोमवार से हुआ, लेकिन अजमेर में पहले ही दिन शिक्षक-शिक्षिकाओं ने इसका जमकर विरोध किया। जिले के कई शिविर स्थलों पर विभाग की ओर से पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं की गई। कहीं टॉयलेट्स में पानी नहीं है तो कहीं बिना बिजली के पंखे नहीं चल रहे। इससे टीचर्स में रोष व्याप्त है। किशनगढ़ स्थित सरकारी स्कूल के शिविर स्थल पर शौचालय में पानी नहीं है। वहीं, केकड़ी के एक सरकारी स्कूल में लाइट नहीं होने के कारण गर्मी में शिक्षक-शिक्षिका परेशान हैं। इनका कहना है कि ऐसी जगह पर रुकना उनके लिए संभव नहीं है। यदि आदेश जारी करवाने वाले शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी व आईएएस नरेशपाल गंगवार खुद आकर यहां रुके तो वे भी रुकने को तैयार हैं।
शिविर में आए टीचर्स का कहना है कि वह किसी भी सूरत में शिविर स्थल पर नहीं रहेंगे और विभाग की ओर से बाॅयोमेट्रिक हाजिरी भी नहीं भरवाएंगे।
विज्ञापन
दरअसल, शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित होने वाले आवासीय शिविर के पहले सत्र का आगाज सोमवार से हुआ, लेकिन अजमेर में पहले ही दिन शिक्षक-शिक्षिकाओं ने इसका जमकर विरोध किया। जिले के कई शिविर स्थलों पर विभाग की ओर से पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं की गई। कहीं टॉयलेट्स में पानी नहीं है तो कहीं बिना बिजली के पंखे नहीं चल रहे। इससे टीचर्स में रोष व्याप्त है। किशनगढ़ स्थित सरकारी स्कूल के शिविर स्थल पर शौचालय में पानी नहीं है। वहीं, केकड़ी के एक सरकारी स्कूल में लाइट नहीं होने के कारण गर्मी में शिक्षक-शिक्षिका परेशान हैं। इनका कहना है कि ऐसी जगह पर रुकना उनके लिए संभव नहीं है। यदि आदेश जारी करवाने वाले शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी व आईएएस नरेशपाल गंगवार खुद आकर यहां रुके तो वे भी रुकने को तैयार हैं।
विज्ञापन
शिविर में आए टीचर्स का कहना है कि वह किसी भी सूरत में शिविर स्थल पर नहीं रहेंगे और विभाग की ओर से बाॅयोमेट्रिक हाजिरी भी नहीं भरवाएंगे।