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अजमेर में गुस्साए 5000 बिजलीकर्मी, मुख्यमंत्री को दी चेतावनी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 21 Jun 2017 07:55 PM IST
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बिजलीकर्मियों का प्रदर्शन
- फोटो : amar ujala
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अजमेर विद्युत वितरण निगम को निजी हाथों में सौंपने के विरोध तथा अन्य मांगों को लेकर 12 जिलों के 5 हजार विद्युतकर्मियों ने निगम मुख्यालय पर बुधवार को प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नाम ज्ञापन देकर निजी कम्पनी टाटा पावर को वापस भेजने और कर्मचारियों का शोषण रोकने की मांग की। मांग नहीं माने जाने पर चुनाव में इसका नतीजा देखने की चेतावनी भी दी गई।
अजमेर विद्युत वितरण निगम के अन्तर्गत ने वाले 12 जिलों के करीब 5 हजार कर्मचारी बुधवार सुबह पंचशील स्थित निगम मुख्यालय पहुंचे। यहां श्रमिक संघ के बैनर तले प्रदर्शन कर अपने रोष का इजहार किया। संघ के अध्यक्ष धर्मू पारवानी ने बताया कि निगम के अधिकारियों और सरकार की नीतियों के चलते लगभग 1 लाख करोड़ का घाटा हुआ है। इस घाटे की पूर्ति के नाम पर विद्युत व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। जबकि निजी हाथों में जाने से कर्मचारियों का तो शोषण होगा ही, आम आदमी की जेब पर भी इसका असर होगा। उन्होंने कहा कि निगम के एमडी नित नए आदेश जारी करके कर्मचारियों का शोषण कर रहे हैं। इसे कर्मचारी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। पारवानी ने एमडी मेहाराम विश्नोई को तुरंत हटाने की भी मांग मुख्यमंत्री से की।
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अजमेर विद्युत वितरण निगम के अन्तर्गत ने वाले 12 जिलों के करीब 5 हजार कर्मचारी बुधवार सुबह पंचशील स्थित निगम मुख्यालय पहुंचे। यहां श्रमिक संघ के बैनर तले प्रदर्शन कर अपने रोष का इजहार किया। संघ के अध्यक्ष धर्मू पारवानी ने बताया कि निगम के अधिकारियों और सरकार की नीतियों के चलते लगभग 1 लाख करोड़ का घाटा हुआ है। इस घाटे की पूर्ति के नाम पर विद्युत व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। जबकि निजी हाथों में जाने से कर्मचारियों का तो शोषण होगा ही, आम आदमी की जेब पर भी इसका असर होगा। उन्होंने कहा कि निगम के एमडी नित नए आदेश जारी करके कर्मचारियों का शोषण कर रहे हैं। इसे कर्मचारी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। पारवानी ने एमडी मेहाराम विश्नोई को तुरंत हटाने की भी मांग मुख्यमंत्री से की।
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