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पालना रिपोर्ट पेश करो, वरना हाजिर हों अधिकारी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 23 Aug 2017 08:03 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के बहुउद्देशीय कर्मचारियों को पांचवे वेतन आयोग का लाभ प्रथम नियुक्ति तिथि से देने के आदेश की पालना नहीं करने पर नाराजगी जताई है। इसके साथ ही अदालत ने तीन सप्ताह में पालना रिपोर्ट पेश नहीं करने पर स्वास्थ्य निदेशक बीके माथुर, करौली के सीएमएचओ व हिंडौन के ब्लॉक सीएमएचओ उमेश गुप्ता को पेश होने के आदेश दिए हैं।
न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश शिवचरण लाल व अन्य की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता विजय पाठक ने अदालत को बताया हाईकोर्ट ने गत 27 अक्टूबर को आदेश जारी कर याचिकाकर्ताओं को चार माह में प्रथम नियुक्ति की तिथि से पांचवे वेतन आयोग का लाभ देने को कहा था। इसके बावजूद भी विभाग की ओर से आदेश की पालना नहीं की गई। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि अदालत की ओर से अवमाननाकर्ताओं को जारी नोटिस की तामील भी हो चुकी है, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब पेश नहीं किया गया। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने तीन सप्ताह में पालना रिपोर्ट पेश नहीं करने पर संबंधित अधिकारियों को पेश होने के आदेश दिए हैं।
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न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश शिवचरण लाल व अन्य की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता विजय पाठक ने अदालत को बताया हाईकोर्ट ने गत 27 अक्टूबर को आदेश जारी कर याचिकाकर्ताओं को चार माह में प्रथम नियुक्ति की तिथि से पांचवे वेतन आयोग का लाभ देने को कहा था। इसके बावजूद भी विभाग की ओर से आदेश की पालना नहीं की गई। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि अदालत की ओर से अवमाननाकर्ताओं को जारी नोटिस की तामील भी हो चुकी है, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब पेश नहीं किया गया। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने तीन सप्ताह में पालना रिपोर्ट पेश नहीं करने पर संबंधित अधिकारियों को पेश होने के आदेश दिए हैं।
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