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Politics: गहलोत सरकार 90 लाख स्कूली बच्चों को बांटेंगी न्यू ईयर कैलेंडर,चुनावी साल में 12 योजनाओं का प्रचार

Wed, 11 Jan 2023 09:19 AM IST
नीरज शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: नीरज शर्मा Updated Wed, 11 Jan 2023 09:19 AM IST
सार

राजस्थान की गहलोत सरकार 90 लाख स्कूली बच्चों को नए साल का कैलेंडर फ्री बांटेगी। इन कैलेंडर के जरिए कांग्रेस सरकार चुनावी साल में अपनी योजनाओं का प्रचार करेगी।

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Politics: Rajasthan congress Gehlot government will distribute New year calander to 90 lakh school children
गहलोत सरकार 90 लाख स्कूली बच्चों को न्यू ईयर कैलेंडर बांटेगी। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

प्रदेश कांग्रेस सरकार के 4 साल पूरे हो चुके हैं। अब चुनावी साल में गहलोत सरकार अपनी 4 साल की उपलब्धियों और योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने की तैयारी में है। इसके लिए प्रदेश के 64 हजार सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 90 लाख स्टूडेंट्स को फ्री में सरकारी कैलेंडर बांटने का टारगेट रखा गया है। खास बात यह है कि नए साल-2023 के मौके पर जो कैलेंडर तैयार करवाए गए हैं, उनमें हर कैलेंडर में प्रदेश की कांग्रेस सरकार की 12 जन कल्याण की योजनाओं की जानकारी दी गई है। इन कैलेंडर को बांटने की जिम्मेदारी राजस्थान सरकार के सूचना व जनसम्पर्क विभाग को सौंपी गई है। डीआईपीआर से जिला कलेक्टर ऑफिसों में कैलेंडर पहुंचाए जाएंगे।
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इस तरह बांटे जाएंगे स्कूली बच्चों को कैलेंडर ?

कलेक्टर ऑफिस से ये कैलेंडर शिक्षा विभाग के अधिकारी लेकर जाएंगे। फिर स्कूलों में इन कैलेंडर का वितरण शुरू होगा। राजस्थान में प्राइमरी लेवल के 47 हजार 539 स्कूल हैं, जिनमें 32 लाख 11 हजार 798 बच्चे बढ़ते हैं। जबकि सेकेंडरी लेवल के 17 हजार 367 स्कूल हैं, जिनमें 58 लाख 40 हजार 606 बच्चे शिक्षा हासिल कर रहे हैं। कुल 90 लाख 52 हजार 404 बच्चे इन स्कूलों में पढ़ रहे हैं। जो ये सरकारी कैलेंडर अपने घर पर ले जाकर दीवार पर टांगेंगे। चुनावी साल में इन कैलेंडर से बच्चों के परिजन और घर आने-जाने वाले परिचित-रिश्तेदार तारीख, वार, सरकारी छुट्टियों के साथ-साथ गहलोत सरकार की योजनाओं को भी पढ़ेंगे। 
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कैलेंडर स्कूली बच्चों को बांटने का फैसला क्यों ?

प्रदेश में इसी साल नवंबर आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं। सूत्र बताते हैं कि कोविड पीरियड के दौरान दो साल तक राज्य की सरकारी योजनाओं का जनता में ठीक से प्रचार-प्रसार नहीं हो सका। 2020 से सियासी संकट के बार-बार बने हालातों के कारण भी कभी सरकार को कभी सियासी बाड़ाबंदी, तो कभी आपसी खींचतान में उलझे रहना पड़ा। सीएम गहलोत 90 लाख परिवारों तक सीधे अपनी जनहित की योजनाओं की जानकारी पहुंचाना चाहते हैं। ये ऐसा लाभार्थी वर्ग है, जिसके बच्चे प्रदेश के सरकारी स्कूलों में फ्री एजुकेशन और फ्री यूनिफॉर्म के साथ ही अब अंग्रेजी मीडियम शिक्षा भी हासिल कर रहे हैं। 1 छोटे परिवार में औसत 4 लोग और जॉइंट फैमिली में 6 से 20 लोग तक होते हैं। 90 लाख बच्चों से करीब 4 करोड़ लोगों तक कैलेंडर की पहुंच बन सकेगी। 
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