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नहीं हुआ गैंगस्टर का अंतिम संस्कार, दबाव बनाने के लिए प्रशासन ने उठाए ये कदम
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 02 Jul 2017 07:36 PM IST
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- फोटो : Amar Ujala
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गैंगस्टर आनंदपाल का अंतिम संस्कार आज नवें दिन भी नहीं हो सका। परिजनों पर उसका अंतिम संस्कार के लिए दबाव बनाने के लिए पुलिस और प्रशासन ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया है।
गैंगस्टर आनंदपाल सिंह का शव पैतृक गांव सांवराद स्थित उसके आवास पर रखा हुआ है। यह शव सामान्य स्थिति में है और उसमें अब संक्रमण की आशंका बढ़ गई है। इस बीच उसके परिजनों ने डी फ्रीज का इंतजाम करने का प्रयास किया, जिसे प्रशासन ने रोक दिया। दरअसल उसके शव को सुरक्षित रखने के लिए लाडनूं में गुपचुप तरीके से एक आॅटो में ले जाए जा रहे डी फ्रिज को भी पुलिस ने नाकेबंदी के दौरान जब्त कर लिया। पुलिस की सख्ती के कारण शव को सुरक्षित रखने के लिए बर्फ भी नहीं पहुंच पा रही है।
गांव में आने—जाने के रास्ते में चार जगह पर खाइयां खोदी गई हैं ताकि अवांछित लोगों का प्रवेश गांव में रोका जा सके। सोशल मीडिया पर अफवाहों को रोकने के लिए जिला कलेक्टर ने जिले में में इंटरनेट पर पाबंदी की सीमा को भी 24 घंटे और बढ़ा दिया है।
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सूत्रों का कहना है कि यह तमाम सख्ती आनंदपाल का अंतिम संस्कार के लिए परिजनों पर दबाव बनाने के लिए की जा रही है। दूसरी तरफ आनंदपाल के परिजन अभी भी अपनी मांगों पर अड़े हुए है। परिजन आनंदपाल एनकाउंटर और इससे पहले बीकानेर जेल में उस पर हुए हमले की जांच सीबीआई से कराने, आनंदपाल के रिश्तेदारों पर से मुकदमें वापस लेने, उसके भाइयों को अंतिम संस्कार में भाग लेने की मंजूरी देने की मांग पर अड़े हुए है। गौरतलब है कि इस गैंगस्टर का एनकाउंटर 25 जून को चूरू जिले के मालासर में हुआ था।
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गैंगस्टर आनंदपाल सिंह का शव पैतृक गांव सांवराद स्थित उसके आवास पर रखा हुआ है। यह शव सामान्य स्थिति में है और उसमें अब संक्रमण की आशंका बढ़ गई है। इस बीच उसके परिजनों ने डी फ्रीज का इंतजाम करने का प्रयास किया, जिसे प्रशासन ने रोक दिया। दरअसल उसके शव को सुरक्षित रखने के लिए लाडनूं में गुपचुप तरीके से एक आॅटो में ले जाए जा रहे डी फ्रिज को भी पुलिस ने नाकेबंदी के दौरान जब्त कर लिया। पुलिस की सख्ती के कारण शव को सुरक्षित रखने के लिए बर्फ भी नहीं पहुंच पा रही है।
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गांव में आने—जाने के रास्ते में चार जगह पर खाइयां खोदी गई हैं ताकि अवांछित लोगों का प्रवेश गांव में रोका जा सके। सोशल मीडिया पर अफवाहों को रोकने के लिए जिला कलेक्टर ने जिले में में इंटरनेट पर पाबंदी की सीमा को भी 24 घंटे और बढ़ा दिया है।
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सूत्रों का कहना है कि यह तमाम सख्ती आनंदपाल का अंतिम संस्कार के लिए परिजनों पर दबाव बनाने के लिए की जा रही है। दूसरी तरफ आनंदपाल के परिजन अभी भी अपनी मांगों पर अड़े हुए है। परिजन आनंदपाल एनकाउंटर और इससे पहले बीकानेर जेल में उस पर हुए हमले की जांच सीबीआई से कराने, आनंदपाल के रिश्तेदारों पर से मुकदमें वापस लेने, उसके भाइयों को अंतिम संस्कार में भाग लेने की मंजूरी देने की मांग पर अड़े हुए है। गौरतलब है कि इस गैंगस्टर का एनकाउंटर 25 जून को चूरू जिले के मालासर में हुआ था।
ड्रोन कैमरे से हो रही है आनंदपाल सिंह के घर की निगरानी!
आनंदपाल सिंह
सांवराद में आज ड्रॉन कैमरे से नजर रखी जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने इस दौरान ड्रोन को आनंदपाल सिंह के घर के उपर उड़ा कर वहां मौजूद लोगों के बारे में जानकारी जुटाई है।
शाम को पुलिस की ओर से आनंदपाल सिंह के परिजनों को एक और नोटिस दिया है। इस नोटिस में उन पर धारा 144 तोड़ने का आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार, आनंदपाल के शव से संक्रमण का खतरा होने की आशंका है। इसके चलते उन्हें शव का अंतिम संस्कार करने का नोटिस दिया गया है। ये नोटिस नहीं लेने पर उसके घर पर चस्पा कर दिया।
शाम को पुलिस की ओर से आनंदपाल सिंह के परिजनों को एक और नोटिस दिया है। इस नोटिस में उन पर धारा 144 तोड़ने का आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार, आनंदपाल के शव से संक्रमण का खतरा होने की आशंका है। इसके चलते उन्हें शव का अंतिम संस्कार करने का नोटिस दिया गया है। ये नोटिस नहीं लेने पर उसके घर पर चस्पा कर दिया।