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फिल्म 'पद्मावती' को बताया सौहार्द के लिए खतरा, पूर्व राजपरिवार ने मंत्रियों को लिखा पत्र
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 01 Jan 2018 07:15 PM IST
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संजय लीला भंसाली निर्देशित फिल्म पद्मावती को मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार ने सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा बताया है। इस संबंध में केन्द्र सरकार के दो मंत्रियों को पत्र भी लिखा गया है।
दरअसल, मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्य महेंद्र सिंह ने केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी और राज्यवर्धन सिंह को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि फिल्म पद्मावती सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा बन सकती है। इसमें वीरों को गलत तरीके से दिखाया गया है। साथ ही, ये भी लिखा है कि सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी ने सभी तथ्यों पर गौर नहीं किया है। फिल्म को जल्दबाजी में U/A प्रमाणपत्र जारी करना सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा बन सकता है।
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दरअसल, मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्य महेंद्र सिंह ने केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी और राज्यवर्धन सिंह को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि फिल्म पद्मावती सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा बन सकती है। इसमें वीरों को गलत तरीके से दिखाया गया है। साथ ही, ये भी लिखा है कि सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी ने सभी तथ्यों पर गौर नहीं किया है। फिल्म को जल्दबाजी में U/A प्रमाणपत्र जारी करना सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा बन सकता है।
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क्यों नहीं दिया अब तक जवाब
विश्वराज सिंह और प्रसून जोशी
- फोटो : अमर उजाला
महेंद्र सिंह ने पत्र में लिखा है कि फिल्म में ऐतिहासिक सत्यता को शामिल ही नहीं किया गया है। उन्होंने कहा है कि इतिहास में सभी समुदायों ने अपना योगदान दिया था। राजपूतों को सेंसर बोर्ड के किसी प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है।
उल्लेखनीय है कि फिल्म की स्क्रीनिंग के लिए के लिए अभी कुछ दिन पहले ही सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी द्वारा विश्वराज सिंह को बुलाया गया था। इस पर विश्वराज सिंह ने प्रसून जोशी को पत्र लिखकर कुछ स्पष्टीकरण मांगे थे। जिसका उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उनके पिता महेन्द्र सिंह ने पत्र के जरिये सेंसर बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
उल्लेखनीय है कि फिल्म की स्क्रीनिंग के लिए के लिए अभी कुछ दिन पहले ही सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी द्वारा विश्वराज सिंह को बुलाया गया था। इस पर विश्वराज सिंह ने प्रसून जोशी को पत्र लिखकर कुछ स्पष्टीकरण मांगे थे। जिसका उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उनके पिता महेन्द्र सिंह ने पत्र के जरिये सेंसर बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।