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इन्हें बिना दिखाए सीबीएफसी ने जारी कर दी 'पद्मावत' की रिलीज डेट

Wed, 10 Jan 2018 08:55 AM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Wed, 10 Jan 2018 08:55 AM IST
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padmavati controversy- cbfc did not screened the film for these historians and former rulers
पद्मावती - फोटो : ani
आगामी 25 जनवरी को फिल्म 'पद्मावत' की प्रस्तावित रिलीज पर एक और बड़ा पेंच फंसता दिखाई दे रहा है। जानकारी मिली है कि प्रसून जोशी की अध्यक्षता वाले फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने जिन 6 इतिहासकारों और पूर्व राजघरानों से जुड़े लोगों को फिल्म दिखाने का जो न्यौता भेजा था दरअसल उन्हें आज तक फिल्म दिखाई ही नहीं गई।
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सीबीएफसी ने बिना इन लोगों को फिल्म दिखाए ही फिल्म को 25 जनवरी को रिलीज करने की तारीख दे डाली। बता दें कि राजस्थान सरकार के संज्ञान में सीबीएफसी की ओर से राजस्थान के पूर्व राजघराने से जुड़े जिनमें बांसवाड़ा के जगमाल सिंह, सिरोही के रघुवीर सिंह,उदयपुर के विश्वराज सिंह मेवाड़ शामिल हैं समेत राजस्थान विश्विद्यालय में इतिहास पढ़ाने वाले प्रोफेसर बी.एल गुप्ता और अग्रवाल कॉलेज के प्राचार्य और जाने माने इतिहासकार प्रो.आरएस खंगरोत को प्रसून जोशी ने व्यक्तिगत तौर पर फिल्म देखने आने का न्यौता तो भेजा मगर इन लोगों को आज तक फिल्म दिखाई ही नहीं गई।
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ये खुलासा खुद इन लोगों को ने किया है। जानकारी के अनुसार सीबीएफसी ने पहले तो 6 लोगों की एक एडवाइजरी कमेटी बनाकर फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी थी जिनमें प्रमुख इतिहासकारों और पूर्व राजघरानों के सदस्यों को शामिल किया जाना था मगर सीबीएफसी ने केवल 3 सदस्यीय कमेटी बनाकर उन्हें 29 दिसंबर को फिल्म दिखा दी और बाद में फिल्मकारों को रिलीज डेट दे डाली। 
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इग्नू के प्रोफेसर ने जता दी थी आपत्ति

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बता दें कि सीबीएफसी ने जो 3 सदस्यीय कमेट बनाकर 29 दिसंबर को फिल्म दिखाई थी उनमें मेवाड़ राजघराने के अरविंद सिंह मेवाड़,इतिहासकार चंद्रमणि सिंह और इग्नू के इतिहास विभाग के कपिल कुमार शामिल थे। इग्नू के प्रोफेसर कपिल कुमार ने तो 'अमर उजाला' से बातचीत में पहले ही फिल्म को लेकर के अपनी ओर से आ​पत्ति दर्ज करा दी थी। उन्होनें कहा था कि फिल्म बिल्कुल भी रिलीज करने के लायक नहीं है और फिल्म में वाकई तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की गई है। 

 
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