{"_id":"5a86d5584f1c1b05738b7aec","slug":"our-soldiers-are-ready-to-fight-pakistan-bsf-dg","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाकिस्तान से मुकाबला करने को मुस्तैद हैं हमारे जवान, बीएसएफ डीजी बोले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पाकिस्तान से मुकाबला करने को मुस्तैद हैं हमारे जवान, बीएसएफ डीजी बोले
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 16 Feb 2018 06:36 PM IST
विज्ञापन
बीएसएफ के डीजी केके शर्मा
- फोटो : amar ujala
पाकिस्तान की ओर से हो रहे सीज फायर के उल्लंघन का सख्ती से मुकाबला करने के लिए सीमा सुरक्षा बल मुस्तैद है। साथ ही, दुश्मन देश के नापाक मंसूबों का मुंह तोड़ जवाब दिया जा रहा है। यह कहना है बीएसएफ के डीजी केके शर्मा का।
बीएसएफ डीजी केके शर्मा ने आज जैसलमेर में पत्रकारों से रूबरू होते हुए यह बात कही। डीजी बीएसएफ ने कहा कि पाकिस्तान से जब कभी भी मुकाबला हुआ तो करारी मात दी गई है। उन्होंने कहा कि सरहदों को सील करने के लिए नई तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। इसके तहत जम्मू कश्मीर में पायलट प्रोजेक्ट के तहत कार्य प्रारंभ हो चुका है। वहीं पंजाब व गुजरात में भी कार्य जल्द ही प्रारंभ कर दिया जाएगा। एक सवाल का जवाब देते हुए डीजी बीएसएफ ने कहा कि बांग्लादेश सरहद पर पशुधन तस्करी को लेकर सख्ती बरती जा रही है।
उन्होंने बताया कि सीमा सुरक्षा बल को नेशनल मरीन पुलिस एकेडमी बनाने की नई जिम्मेदारी दी गई है। जिसके तहत गुजरात में एकेडमी की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि करीबन 500 से अधिक छोटी व बड़ी मोटरकार्ट और नोकाओं के माध्यम से यहां चौकसी रखी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीएसएफ डीजी केके शर्मा ने आज जैसलमेर में पत्रकारों से रूबरू होते हुए यह बात कही। डीजी बीएसएफ ने कहा कि पाकिस्तान से जब कभी भी मुकाबला हुआ तो करारी मात दी गई है। उन्होंने कहा कि सरहदों को सील करने के लिए नई तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। इसके तहत जम्मू कश्मीर में पायलट प्रोजेक्ट के तहत कार्य प्रारंभ हो चुका है। वहीं पंजाब व गुजरात में भी कार्य जल्द ही प्रारंभ कर दिया जाएगा। एक सवाल का जवाब देते हुए डीजी बीएसएफ ने कहा कि बांग्लादेश सरहद पर पशुधन तस्करी को लेकर सख्ती बरती जा रही है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि सीमा सुरक्षा बल को नेशनल मरीन पुलिस एकेडमी बनाने की नई जिम्मेदारी दी गई है। जिसके तहत गुजरात में एकेडमी की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि करीबन 500 से अधिक छोटी व बड़ी मोटरकार्ट और नोकाओं के माध्यम से यहां चौकसी रखी जा रही है।
विज्ञापन