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आईएएस और मुख्य अभियंता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश

Fri, 23 Jun 2017 07:22 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Fri, 23 Jun 2017 07:22 PM IST
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Order for lodging FIR against IAS and Chief Engineer
अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट क्रम-2 ने जलदाय विभाग के ठेके में हुए कथित अनियमितता के मामले में तत्कालीन विभागीय अधिकारी आईएएस संदीप वर्मा, मुख्य अभियंता बनेसिंह और सीएम चौहान सहित लाभार्थी फर्म विष्णु प्रकाश आर पुगालिया लि., जोधपुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने गांधीनगर थानाधिकारी को कहा है कि वे प्रकरण की जांच कर अदालत में जांच रिपोर्ट पेश करें।
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अदालत ने यह आदेश ज्योतिनगर निवासी पंकज शर्मा की ओर से दायर परिवाद पर सुनवाई करते हुए दिए।

परिवाद में कहा गया कि लाभार्थी फर्म ने फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जलदाय विभाग के करोडों रुपए के ठेके हथियाए। विभाग के तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी आईएएस संदीप वर्मा सहित अन्य आरोपियों ने इस आपराधिक षडयंत्र में साथ दिया। परिवाद में कहा गया कि आरोपियों ने 14 अगस्त 2014 को मिलीभगत कर लाभार्थी फर्म को जगतपुरा जल योजना के लिए न्यूनतम टेंडर के मुकाबले बीस फीसदी अधिक 49 करोड़ रुपए में कार्य आवंटित किया। फर्म के वर्ष 2012-13 में किए गए 203 करोड़ रुपए के निर्माण टर्न ओवर के बारे में हुई शिकायत पर विभाग ने फर्म को ब्लैक लिस्ट करने की सिफारिश भी की थी।
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ठेके की जांच के संबंध में गत वर्ष फरवरी माह में तत्कालीन मुख्य अभियंता बने सिंह को नोटिस भी जारी किया गया था। परिवाद में कहा गया कि गत 16 सितंबर को मामला विभागीय वित्तीय समिति में भेजकर फर्म का ठेका निरस्त कर उसे ब्लैक लिस्ट करने की सिफारिश की गई, लेकिन आरोपियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।
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वहीं गत 21 दिसंबर को वित्तीय समिति की बैठक में तथ्यों की गलत विवेचना कर निर्णय लिया गया कि 2012-13 के निर्माण के आधार पर फर्म के विरूद्ध कार्रवाई करने पर जनहित प्रभावित होगा। ऐसे में अन्य ठेकों के साथ-साथ जगतपुरा योजना का ठेका भी जारी रखा जाए। परिवाद में आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने मिलीभगत कर फर्म को करीब 145 करोड़ रुपए का अनुचित लाभ पहुंचाया। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने गांधीनगर थाना पुलिस को मामला दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं।


 
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