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लहसुन और कर्ज फिर बने एक और किसान की मौत का कारण
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 27 Jun 2017 01:43 PM IST
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किसान का शव।
राजस्थान के कोटा में एक और धरतीपुत्र ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली है। कोटा के श्रीपुरा गांव के रहने वाले किसान मुरलीधर मीणा कर्ज और लहसुन फसल का सही दाम नहीं मिलने से तनाव में था।
जानकारी के अनुसार मुरलीधर आज बारां की मंडी में लहसुन बेचने गया था। लेकिन यहां उसे उचित दाम नहीं मिले। जिसके बाद उसने विषाक्त पदार्थ खा लिया। घर पहुंचते-पहुंचते मुरलीधर की तबीयत जब बिगड़ी तो उसने इसके बारे में बताया।
इसके बाद उसे कोटा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही मुरलीधर ने दम तोड़ दिया।
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जानकारी के अनुसार मुरलीधर आज बारां की मंडी में लहसुन बेचने गया था। लेकिन यहां उसे उचित दाम नहीं मिले। जिसके बाद उसने विषाक्त पदार्थ खा लिया। घर पहुंचते-पहुंचते मुरलीधर की तबीयत जब बिगड़ी तो उसने इसके बारे में बताया।
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इसके बाद उसे कोटा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही मुरलीधर ने दम तोड़ दिया।
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सुबह से हो गई थी शाम, लेकिन नहीं मिले उसे उचित दाम
विलाप करते किसान के परिजन
परिजनों के अनुसार मुरलीधर पर छह लाख से अधिक का कर्ज था। वह पांच दिन से लहसुन के सही दाम मिलने का इंतजार कर रहा था। लेकिन सोमवार को थकहार कर उसने लहसुन को कम दाम में ही बेच दिया।
किसान के शव का पोस्टमार्टम कराकर पुलिस ने शव को परिजनों को सौंप दिया है। वहीं कोटा के एमबीएस अस्पताल में कांग्रेस नेताओं ने पहुंचकर सरकार को किसान विरोधियों की नीतियों के खिलाफ जमकर कोसा।
गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व हाड़ौती के ही एक किसान ने लहसुन की फसल का सही दम नहीं मिलने के कारण आत्महत्या कर ली थी। जिसके बाद यहां कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन हुए थे।
किसान के शव का पोस्टमार्टम कराकर पुलिस ने शव को परिजनों को सौंप दिया है। वहीं कोटा के एमबीएस अस्पताल में कांग्रेस नेताओं ने पहुंचकर सरकार को किसान विरोधियों की नीतियों के खिलाफ जमकर कोसा।
गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व हाड़ौती के ही एक किसान ने लहसुन की फसल का सही दम नहीं मिलने के कारण आत्महत्या कर ली थी। जिसके बाद यहां कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन हुए थे।