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भटकते हुए भारत आए ये लोग फिर चले वतन की राह पर, जानिए पूरा मामला
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 27 Aug 2017 06:12 PM IST
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जेल से बाहर निकले बांग्लादेशी युवक
- फोटो : amar ujala
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जेल के डिटेक्शन सेंटर ने आज तीन बांग्लादेशी युवकों को उनके वतन भेज दिया गया। इस दौरान उनके चेहरे पर वतन वापसी की खुशी साफ दिख रही थी।
मामला अलवर के जिला कारागाह का है। ये बांग्लादेशी हमारे देश की सीमा में प्रवेश कर गए थे। जिसके बाद इन्हें कोर्ट ने सजा सुनाई थी। इनकी सजा पूरी होने के बाद से ही ये युवक अलवर स्थित विदेशी नागरिक अभिरक्षा गृह में रह रहे थे। पिछले दिनों बांग्लादेश हाई कमीशन की टीम ने अलवर डिटेक्सन सेंटर का दौरा किया था और इसके बाद उन्होंने बांग्लादेशी नागरिकों के घरवालों से संपर्क किया।
इन बांग्लादेशी युवकों के दस्तावेज तैयार करवा गए। तब जाकर भारत सरकार और बांग्लादेश सरकार की सहमति से मोहम्मद कमाल, शेख अरीफुल हक और मोहम्मद सलाउद्दीन को बांग्लादेश भेजने के लिए अलवर से रवाना कर दिया गया। अब इन युवकों को बांग्लादेश को सुपुर्द किया जाएगा।
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मामला अलवर के जिला कारागाह का है। ये बांग्लादेशी हमारे देश की सीमा में प्रवेश कर गए थे। जिसके बाद इन्हें कोर्ट ने सजा सुनाई थी। इनकी सजा पूरी होने के बाद से ही ये युवक अलवर स्थित विदेशी नागरिक अभिरक्षा गृह में रह रहे थे। पिछले दिनों बांग्लादेश हाई कमीशन की टीम ने अलवर डिटेक्सन सेंटर का दौरा किया था और इसके बाद उन्होंने बांग्लादेशी नागरिकों के घरवालों से संपर्क किया।
इन बांग्लादेशी युवकों के दस्तावेज तैयार करवा गए। तब जाकर भारत सरकार और बांग्लादेश सरकार की सहमति से मोहम्मद कमाल, शेख अरीफुल हक और मोहम्मद सलाउद्दीन को बांग्लादेश भेजने के लिए अलवर से रवाना कर दिया गया। अब इन युवकों को बांग्लादेश को सुपुर्द किया जाएगा।
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वतन वापसी की ये रहती है पूरी प्रक्रिया
जेल से बाहर लाते हुए
- फोटो : amar ujala
पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश ने बताया कि डिटेक्सन सेंटर से विदेशी नागरिकों को भेजने की प्रक्रिया चलती रहती है। ये लोग जिन देशों के नागरिक होते हैं वहां के उच्चायोग उनकी काउंसलिंग करता है। इसके बाद उनके परिवार से बातचीत कर वेरिफिकेशन किया जाता है। तब जाकर वीजा तैयार करवाता है। इसके बाद उन्हें सुपुर्दगी की कार्यवाही की जाती है। आज तीन बांग्लादेशी नागरिको को अलवर से रवाना कर दिया है। जिन्हें 30 अगस्त को बांग्लादेश को सुपुर्द कर दिया जाएगा।
गौरतलब है कि अलवर के डिटेक्सन सेंटर में 17 विदेश नागरिक मौजूद थे। इनमें से दो बांग्लादेशी नागरिकों को पूर्व में भेजा जा चुका है। बताया जा रहा है कि अन्य देश के उच्चायोग अपने नागरिकों की वेरिफिकेशन नहीं कर रहे है जिसकी वजह से उनकी वतन वापसी अटकी हुई है।
गौरतलब है कि अलवर के डिटेक्सन सेंटर में 17 विदेश नागरिक मौजूद थे। इनमें से दो बांग्लादेशी नागरिकों को पूर्व में भेजा जा चुका है। बताया जा रहा है कि अन्य देश के उच्चायोग अपने नागरिकों की वेरिफिकेशन नहीं कर रहे है जिसकी वजह से उनकी वतन वापसी अटकी हुई है।