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इस सरकारी आदेश को लेकर मचा है बवाल, जानिए पूरा मामला
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 13 Dec 2017 02:31 PM IST
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वसुंधरा राजे
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वसुंधरा राजे सरकार को सत्ता में आए पूरे चार साल बीत गए हैं। इसको लेकर राजस्थान में अलग-अलग विभागों के मंत्री सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के काम में जुटे हैं। इसी बीच एक सरकारी निर्देश ने पूरे प्रदेश में बवाल मचा रखा है।
दरअसल, राजस्थान के चिकित्सा विभाग की ओर से बीते दिनों एक निर्देश जारी किया गया है। इसमें प्रदेश के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों से लेकर जिला अस्पतालों में कार्यरत मुस्लिम कर्मचारियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। ये परिपत्र चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक बीएल सैनी ने सभी जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को जारी किया गया है। इस निर्देश के बाद से ही पूरे प्रदेश में बवाल मचा हुआ है।
प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग इसे केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मिले निर्देशों की पालना में बता रहा है तो विपक्षी पार्टियां इस निर्देश पर सवाल उठा रही हैं।
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दरअसल, राजस्थान के चिकित्सा विभाग की ओर से बीते दिनों एक निर्देश जारी किया गया है। इसमें प्रदेश के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों से लेकर जिला अस्पतालों में कार्यरत मुस्लिम कर्मचारियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। ये परिपत्र चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक बीएल सैनी ने सभी जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को जारी किया गया है। इस निर्देश के बाद से ही पूरे प्रदेश में बवाल मचा हुआ है।
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प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग इसे केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मिले निर्देशों की पालना में बता रहा है तो विपक्षी पार्टियां इस निर्देश पर सवाल उठा रही हैं।
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ये है परिपत्र में...
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प्रदेश कांग्रेस की प्रवक्ता अर्चना शर्मा ने इस निर्देश को समझ से परे बताते हुए सरकार ने अब तक मुसलमानों और अन्य जरूरतमंदों के लिए कुछ नहीं करने का आरोप लगाया है। वहीं, अल्पपसंख्यक कल्याण से जुड़े लोगों ने इस पर आपत्ति जताई है। हालांकि, सरकारी नुमाइंदों की ओर से संभावना जताई जा रही है कि केन्द्र सरकार ने यह रिकॉर्ड सच्चर कमेटी की सिफारिशों की पालना के लिए मंगवाया है।
गौरतलब है कि परिपत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों(पीएचसी) से लेकर जिला अस्पतालों में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ, रेडियोग्राफर, लैब टेक्निशियन और क्लर्क के पदों पर कार्यरत मुस्लिम कर्मचारियों की सूची इसी माह के अंत तक मुख्यालय भेजने के लिए कहा गया है।
गौरतलब है कि परिपत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों(पीएचसी) से लेकर जिला अस्पतालों में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ, रेडियोग्राफर, लैब टेक्निशियन और क्लर्क के पदों पर कार्यरत मुस्लिम कर्मचारियों की सूची इसी माह के अंत तक मुख्यालय भेजने के लिए कहा गया है।