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खुश खबरी लाई है नई कृषि कनेक्शन नीति, जानिए क्या क्या हैं इसमें..

Sun, 30 Jul 2017 08:21 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Sun, 30 Jul 2017 08:21 PM IST
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New Agricultural Connection Policy in Rajasthan
किसानों को मिलेगी राहत - फोटो : Getty
प्रदेश के लाखों किसानों के लिए एक खुशखबरी है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कृषि कनेक्शन नीति-2017 के प्रावधानों का अनुमोदन किया है।
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नई नीति में बीपीएल लघु सीमान्त किसानों को 5 एचपी तक के कृषि कनेक्शन के लिए डिमांड नोट जारी करने में तीन साल तक की ओवरराइडिंग प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है। यही प्राथमिकता इंदिरा गांधी नहर परियोजना की मुख्य नहर के दोनों तरफ एक किलोमीटर की दूरी में 5 एचपी तक कृषि कनेक्शन का आवेदन करने वाले सेम की समस्या से प्रभावित किसानों को भी दी जाएगी। इस कोटे का लाभ उठाने वाले उपभोक्ता अपने कृषि कनेक्शन में लोड का इजाफा उस क्षेत्र में उनकी प्राथमिकता के बराबर सामान्य कृषि योजना के कनेक्शन जारी होने की तिथि अथवा कनेक्शन जारी होने से अधिकतम तीन साल पूरे होने की तिथि, जो भी पहले हो, उसके बाद करवा सकेंगे। नई कृषि नीति में उपभोक्ता के कटे कनेक्शनों को पुनः जुड़वाने के मामलों में देय राशि पर ब्याज की दर 16 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत प्रतिवर्ष की गई है।  

नई नीति लागू होने के बाद राज्य के तीनों विद्युत वितरण निगमों द्वारा संचालित सौर ऊर्जा चलित पम्प सेट योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा अनुदान प्राप्त करने वाले उपभोक्ताओं को दूसरा कृषि कनेक्शन सामान्य श्रेणी में देय नहीं होकर अन्य योजना में देय होगा। ऎसे आवेदकों को लाइन तथा सबस्टेशन की कीमत देनी होगी परन्तु टैरिफ सामान्य योजना का ही देय होगा।
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प्रमाणित 5 स्टार रेटेड पंप सेट पर ही मिलेगा कनेक्शन

New Agricultural Connection Policy in Rajasthan
farmer shimla
नई नीति में किसानों को 20 हॉर्स पावर तक के भार का कृषि कनेक्शन ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी द्वारा प्रमाणित 5 स्टार रेटेड पंप सेट स्थापित करने पर ही दिया जाएगा। इसके मुताबिक जो उपभोक्ता अपनी स्थापित साधारण मोटर के स्थान पर 5 स्टार रेटेड मोटर लगाएंगे उन्हें सहायक अभियंता द्वारा सत्यापन करने के बाद 750 रूपये प्रति हॉर्स पावर के अनुदान के रूप में आगामी बिजली बिलों में छूट दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि वर्तमान कृषि नीति में जो किसान ऎच्छिक रूप से 3 स्टार रेटेड एनर्जी एफिशिएंट पंप लगाते हैं उन्हें 750 रूपये प्रति एचपी की दर से अनुदान मिलता है।

वहीं वर्तमान कृषि नीति में शहीद कोटे के तहत कृषि कनेक्शन शहीद होने की तिथि से 12 वर्ष तक देने तथा आवेदक का संबंधित कृषि भूमि पर मालिकाना हक न्यूनतम 2 वर्ष तक होने का प्रावधान था। नई नीति में इस प्रावधान को हटा दिया गया है। अब शहीद कोटे के अन्तर्गत शहीद के परिवार के सदस्य बिजली कनेक्शन के लिए किसी भी समय आवेदन कर सकते हैं।

इसी के साथ नई नीति के तहत किसान डिमांड नोट निरस्त होने के बाद भी 500 रूपये जमा करवाकर अपने कृषि कनेक्शन आवेदन को डिमांड नोट जारी होने की तिथि से 5 साल में पुनर्जीवित करा सकेंगे। मांग पत्र जमा होने के बाद निरस्त होने वाली पत्रावलियों को पुनर्जीवित करने का प्रावधान भी नई नीति में है। वर्तमान नीति में डिमांड नोट जारी करने की तिथि से 90 दिन में राशि जमा नहीं कराने पर पत्रावली के निरस्त करने का प्रावधान है।


 
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