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अपने कलेजे के टुकड़े को बीमार हालत में छोड़ गई पत्थर दिल मां
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 27 Nov 2017 06:38 PM IST
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आश्रय स्थल पर उपचाररत चार दिन की नवजात बच्ची
- फोटो : Amar Ujala
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एक पत्थर दिल मां अपनी चार दिन की बीमार बच्ची को लावारिस हालत में छोड़कर चली गई। यह बच्ची अब जिंदगी और मौत से लड़ रही है।
मामला अजमेर का है जहां एक आश्रय स्थल के बाहर वहां के कर्मचारियों को रोती बिलखती चार दिन की मासूम मिली है। बच्ची की हालत फिलहाल नाजुक बनी हुई है। जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के शिशु रोग विभाग में बच्ची को उपचार दिया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार अजमेर के जेएलएन अस्पताल स्थित आश्रय गृह में सोमवार को एक नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी। आश्रय स्थल के कर्मचारियों ने बच्ची को उठाया तो उसके हाथ में कैनुला भी लगा हुआ था। शिशु रोग विभागाध्यक्ष डाॅ.बीएस कर्नावट ने बताया कि बच्ची का जन्म तीन-चार दिन पहले हुआ है। बच्ची का वजन भी बेहद कम है और हाथ में कैनुला होने से यह स्पष्ट होता है कि बच्ची का किसी अस्पताल में इलाज भी चल रहा था।
अब ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिरकार किन परिस्थितियों में बच्ची की मां ने बच्ची को इस हालत में छोड़ दिया। फिलहाल चाइल्ड लाइन संस्था भी बच्ची की देखरेख के लिए अस्पताल पहुंच चुकी है।
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मामला अजमेर का है जहां एक आश्रय स्थल के बाहर वहां के कर्मचारियों को रोती बिलखती चार दिन की मासूम मिली है। बच्ची की हालत फिलहाल नाजुक बनी हुई है। जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के शिशु रोग विभाग में बच्ची को उपचार दिया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार अजमेर के जेएलएन अस्पताल स्थित आश्रय गृह में सोमवार को एक नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी। आश्रय स्थल के कर्मचारियों ने बच्ची को उठाया तो उसके हाथ में कैनुला भी लगा हुआ था। शिशु रोग विभागाध्यक्ष डाॅ.बीएस कर्नावट ने बताया कि बच्ची का जन्म तीन-चार दिन पहले हुआ है। बच्ची का वजन भी बेहद कम है और हाथ में कैनुला होने से यह स्पष्ट होता है कि बच्ची का किसी अस्पताल में इलाज भी चल रहा था।
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अब ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिरकार किन परिस्थितियों में बच्ची की मां ने बच्ची को इस हालत में छोड़ दिया। फिलहाल चाइल्ड लाइन संस्था भी बच्ची की देखरेख के लिए अस्पताल पहुंच चुकी है।
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