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जिस बेटे को ढूंढते—ढूंढते पिता चल बसा वह 10 साल बाद मिला
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 23 Apr 2017 07:15 PM IST
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मां के साथ बजरंगलाल
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सीकर के रागगढ़ शेखावाटी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां का रहने वाला विमंदित युवक दस साल बाद परिजनों को मिला। बेटे को खोने के सदमे के कारण युवक के पिता की मौत हो चुकी है।
दरअसल, रागमढ़ शेखावाटी के वार्ड 25 का रहने वाला विमंदित बजरंगलाल(35) पुत्र राधेश्याम गुर्जरगौड़ अगस्त 2010 में घर से बाहर निकला था, उसके बाद वापस नहीं आया। उसके गुम होने पर परिजनों ने उसे आसपास के इलाके सहित कई जगह तलाशा। पुलिस में गुमशुदगी भी दर्ज कराई, लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ। चार बच्चों में इकलौते बेटे के लापता होने का सदमा पिता नहीं झेल सके और इसी दौरान पिता राधेश्याम की मौत हो गई।
इसके बाद अकेली मां परमेश्वरीदेवी तीन बेटियों की देखरेख और मृतक पति की पेंशन से जीवनयापन करती रही। इसी दौरान बीती 19 अप्रैल को रामगढ़ पुलिस के पास अजमेर से फोन आया कि एक विमंदित युवक यहां अपना घर संस्था को मिला है जो अपना निवास स्थान रामगढ़ बता रहा है। इसके बाद जैसे ही रामगढ़ पुलिस गुमशुदगी रिपोर्ट के आधार पर परमेश्वरीदेवी के घर पहुंची और उसके बेटे के मिलने की खबर सुनाई तो उनकी आंखों से खुशी के आसूं निकल पड़े। बेटे के मिलने की आस लगाए बैठी मां अन्य ग्रामीणों के साथ बजरंग को लेने पहुंची।
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अपना घर संस्था को युवक बजरंगलाल अजमेर में ही विमंदित हालत में मिला था, जिसके बाद उसका इलाज कराया गया तो वह कुछ ठीक हो गया। स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद ही उसने अपने घर का पता संस्था को बताया था।
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दरअसल, रागमढ़ शेखावाटी के वार्ड 25 का रहने वाला विमंदित बजरंगलाल(35) पुत्र राधेश्याम गुर्जरगौड़ अगस्त 2010 में घर से बाहर निकला था, उसके बाद वापस नहीं आया। उसके गुम होने पर परिजनों ने उसे आसपास के इलाके सहित कई जगह तलाशा। पुलिस में गुमशुदगी भी दर्ज कराई, लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ। चार बच्चों में इकलौते बेटे के लापता होने का सदमा पिता नहीं झेल सके और इसी दौरान पिता राधेश्याम की मौत हो गई।
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इसके बाद अकेली मां परमेश्वरीदेवी तीन बेटियों की देखरेख और मृतक पति की पेंशन से जीवनयापन करती रही। इसी दौरान बीती 19 अप्रैल को रामगढ़ पुलिस के पास अजमेर से फोन आया कि एक विमंदित युवक यहां अपना घर संस्था को मिला है जो अपना निवास स्थान रामगढ़ बता रहा है। इसके बाद जैसे ही रामगढ़ पुलिस गुमशुदगी रिपोर्ट के आधार पर परमेश्वरीदेवी के घर पहुंची और उसके बेटे के मिलने की खबर सुनाई तो उनकी आंखों से खुशी के आसूं निकल पड़े। बेटे के मिलने की आस लगाए बैठी मां अन्य ग्रामीणों के साथ बजरंग को लेने पहुंची।
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अपना घर संस्था को युवक बजरंगलाल अजमेर में ही विमंदित हालत में मिला था, जिसके बाद उसका इलाज कराया गया तो वह कुछ ठीक हो गया। स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद ही उसने अपने घर का पता संस्था को बताया था।