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Jaipur: मंत्री ममता भूपेश बोलीं- केंद्र से नहीं मिला जवाब, अब राज्य सरकार ही खोलेगी आठ हजार आंगनबाड़ी केंद्र
Sat, 04 Mar 2023 09:28 AM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Sat, 04 Mar 2023 09:28 AM IST
सार
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से भारत सरकार को अनेक बार पत्र प्रेषित करने के बाद भी नए आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए केंद्र सरकार से स्वीकृति नहीं मिली। राज्य सरकार ही खोलेगी नए केंद्र।
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ममता भूपेश
- फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
महिला एवं बाल विकास मंत्री ममता भूपेश ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि बजट घोषणा 2023-24 में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संवेदनशील निर्णय लेते हुए प्रदेश में आठ हजार नवीन आंगनबाड़ी केंद्र व दो हजार मिनी आंगनबाड़ी केंद्र खोलने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अनेक बार पत्र लिखने के बावजूद केन्द्र सरकार ने नए आंगनबाड़ी केन्द्र खोलने की स्वीकृति नहीं दी। अब राज्य सरकार खुद ही नए आंगनबाड़ी केंद्र खोलेगी।
भूपेश ने प्रश्नकाल के दौरान इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि राज्य सरकार लगातार आंगनबाड़ी के पहले से मौजूद भवनों के सुदृढ़ीकरण और आधुनिकीकरण का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के नए भवनों का निर्माण वित्तीय सुविधा के आधार पर किया जाएगा।
इससे पहले महिला एवं बाल विकास मंत्री ने विधायक लाखन सिंह के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में कहा कि विधानसभा क्षेत्र करौली में विगत चार वर्षों में नवीन आंगनबाड़ी केंद्र नहीं खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र करौली में वर्तमान में बाल विकास परियोजना करौली के अधीन 261 आंगनबाड़ी केन्द्र एवं बाल विकास परियोजना हिण्डौन सिटी के आंशिक क्षेत्र में 82 आंगनबाड़ी केन्द्र सहित कुल 343 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। उन्होंने संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों का विस्तृत विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के 28 जुलाई 2015 के पत्र द्वारा सूचित किया गया कि आईसीडीएस सेवा विस्तार हेतु अभी नवीन केन्द्र स्वीकृत नहीं किये जा सकते हैं।
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केंद्र को भेजे पत्र, नहीं मिला जवाब
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि इसके उपरांत भी स्थानीय प्रतिनिधि तथा जनप्रतिनिधि नवीन आंगनबाड़ी केंद्र खोले जाने के संबंध में निरंतर मांग कर रहे हैं। इसको देखते हुए जनसंख्या एवं निर्धारित मापदंड के अनुसार नवीन आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्वीकृति के बाबत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार को अनेक बार पत्र प्रेषित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में भारत सरकार से अब तक कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है।
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भूपेश ने प्रश्नकाल के दौरान इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि राज्य सरकार लगातार आंगनबाड़ी के पहले से मौजूद भवनों के सुदृढ़ीकरण और आधुनिकीकरण का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के नए भवनों का निर्माण वित्तीय सुविधा के आधार पर किया जाएगा।
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इससे पहले महिला एवं बाल विकास मंत्री ने विधायक लाखन सिंह के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में कहा कि विधानसभा क्षेत्र करौली में विगत चार वर्षों में नवीन आंगनबाड़ी केंद्र नहीं खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र करौली में वर्तमान में बाल विकास परियोजना करौली के अधीन 261 आंगनबाड़ी केन्द्र एवं बाल विकास परियोजना हिण्डौन सिटी के आंशिक क्षेत्र में 82 आंगनबाड़ी केन्द्र सहित कुल 343 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। उन्होंने संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों का विस्तृत विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के 28 जुलाई 2015 के पत्र द्वारा सूचित किया गया कि आईसीडीएस सेवा विस्तार हेतु अभी नवीन केन्द्र स्वीकृत नहीं किये जा सकते हैं।
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केंद्र को भेजे पत्र, नहीं मिला जवाब
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि इसके उपरांत भी स्थानीय प्रतिनिधि तथा जनप्रतिनिधि नवीन आंगनबाड़ी केंद्र खोले जाने के संबंध में निरंतर मांग कर रहे हैं। इसको देखते हुए जनसंख्या एवं निर्धारित मापदंड के अनुसार नवीन आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्वीकृति के बाबत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार को अनेक बार पत्र प्रेषित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में भारत सरकार से अब तक कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है।