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पाकिस्तानी टैंकों को नेस्तनाबूत करने वाले मिग-21 को क्यों हटाया गया यहां से, जानें
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 28 Sep 2017 12:31 PM IST
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फाइल फोटो।
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भारत-पाक के बीच 1971 में जंग में मिग-21 फाइटर जेट ने भारत की जीत में मुख्य भूमिका निभाई थी। जोधपुर एयरबेस इन फाइटर जेट ने उड़ान भरकर भारतीय सीमा की ओर बढ़ रहे पाकिस्तानी टैंकों को नेस्तनाबूत कर दिया था।
बीते करीब 50 वर्षों से जोधपुर एयरबेस में तैनात मिग-21 की फाइटर जेट स्कवायड्रन को यहां से हटा लिया गया है। गौरतलब है कि बीते 8-10 वर्षो के दौरान मिग-21 जेट लगातार दुर्घटनाओं का शिकार हुआ है। इनमें 150 से अधिक पायलट अपनी जान गंवा चुके हैं।
पुराने हो चुके मिग-21 को भारतीय वायु सेना 2024 तक अपने बेड़े से अलविदा कर देगी। इसी क्रम में जोधपुर से मिग-21 को रवानगी दे दी गई है।
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बीते करीब 50 वर्षों से जोधपुर एयरबेस में तैनात मिग-21 की फाइटर जेट स्कवायड्रन को यहां से हटा लिया गया है। गौरतलब है कि बीते 8-10 वर्षो के दौरान मिग-21 जेट लगातार दुर्घटनाओं का शिकार हुआ है। इनमें 150 से अधिक पायलट अपनी जान गंवा चुके हैं।
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पुराने हो चुके मिग-21 को भारतीय वायु सेना 2024 तक अपने बेड़े से अलविदा कर देगी। इसी क्रम में जोधपुर से मिग-21 को रवानगी दे दी गई है।
यहां किया गया है शिफ्ट
फाइल फोटो।
इस स्क्वायड्रन को अब बाड़मेर के उत्तरलाई में शिफ्ट किया गया है। जोधपुर में वायुसेना स्टेशन पर सुखोई-30 एमकेआई और मिग-27 एडवांस फाइटर जेट की तैनाती है। गौरतलब है वर्ष 1963 में भारत ने रुस से मिग-21 विमान खरीदे थे।
इसकी तकनीक भी भारत को रूस ने बेची थी। जिसके बाद हिंदुस्तान एयरोनोटिक्स ने भारत में ही इसका निर्माण प्रारंभ किया था। हालांकि सिंगल इंजन वाला यह फाइटर जेट अभी देश में कई हिस्सों में तैनात है।
इसकी तकनीक भी भारत को रूस ने बेची थी। जिसके बाद हिंदुस्तान एयरोनोटिक्स ने भारत में ही इसका निर्माण प्रारंभ किया था। हालांकि सिंगल इंजन वाला यह फाइटर जेट अभी देश में कई हिस्सों में तैनात है।