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ये मौलाना बोले 'झूठ बोलकर मर्दों को फंसाती है महिलाएं इसलिए आया ट्रिपल तलाक'
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 22 Aug 2017 08:28 PM IST
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मौलाना सैयद मुसव्वीर चिश्ती
- फोटो : amar ujala
तीन तलाक को लेकर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के पर मुस्लिम समाज बंटता नजर आ रहा है। कुछ इस फैसले को स्वागत कर रहे है वहीं कुछ ऐसे भी जो इसे इस्लाम के खिलाफ बता रहे है।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को तीन तलाक के मुद्दे पर अपना अहम निर्णय सुना दिया। पांच सदस्यीय कमेटी ने इसे असंवैधानिक करार दिया है। यह फैसला आने के बाद ख्वाजा साहब की दरगाह की अंजुमन कमेटी के मौलाना सैयद मुसव्वीर चिश्ती ने कहा कि हालांकि इस्लाम में भी तीन तलाक को सबसे बुरा बताया गया है, लेकिन यही एक ऐसा जरिया था जिसके जरिए आदमी और औरत अलग हो सकते थे।
उन्होंने कहा कि कई महिलाएं आज भी पति के खिलाफ झूठी शिकायतें करके उन्हें प्रताड़ित कर रही है। ऐसे मे तलाक देकर ऐसी महिलाओं से पीछा छुड़वाया जा सकता था।
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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को तीन तलाक के मुद्दे पर अपना अहम निर्णय सुना दिया। पांच सदस्यीय कमेटी ने इसे असंवैधानिक करार दिया है। यह फैसला आने के बाद ख्वाजा साहब की दरगाह की अंजुमन कमेटी के मौलाना सैयद मुसव्वीर चिश्ती ने कहा कि हालांकि इस्लाम में भी तीन तलाक को सबसे बुरा बताया गया है, लेकिन यही एक ऐसा जरिया था जिसके जरिए आदमी और औरत अलग हो सकते थे।
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उन्होंने कहा कि कई महिलाएं आज भी पति के खिलाफ झूठी शिकायतें करके उन्हें प्रताड़ित कर रही है। ऐसे मे तलाक देकर ऐसी महिलाओं से पीछा छुड़वाया जा सकता था।
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कुछ खादिमों ने किया फैसले का स्वागत
मौलाना सैयद यामीन हाश्मी ने किया फैसले का स्वागत
- फोटो : amar ujala
इन सबके बीच दरगाह के कुछ खादिमों ने सुप्रीम के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट का कानून सर्वोपरी है। उन्होंने अच्छा निर्णय किया है। इससे महिलाओं के हितों की सुरक्षा हो सकेगी। उन्होंने सरकार से भी सभी के हितों को ध्यान में रखते हुए कानून बनाने की मांग की।