{"_id":"59ba34fb4f1c1be4738b470a","slug":"landlord-got-heart-attack-after-he-noticed-thieves-in-the-house","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"घर में चोरों को देख मकान मालिक को आया हार्ट अटैक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर में चोरों को देख मकान मालिक को आया हार्ट अटैक
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 14 Sep 2017 01:35 PM IST
विज्ञापन
डेमो इमेज
एक घर में चोरी करने के लिए घुसे चोरों को देखकर मकान मालिक इतना घबरा गया कि उसे हार्ट अटैक ही आ गया। ये देखने के बाद चोर उस घर से तो भाग गए लेकिन उसी कॉलोनी के दूसरे घरों को उन्होनें अपना निशाना बना लिया।
घटना उदयपुर जिले के फतहनगर कस्बे में बुधवार देर रात चोरों ने एक मकान पर धावा बोला। चोरों को घर में घुसता देख मकान मालिक ओमप्रकाश स्वर्णकार घबरा गया और उसे हृदयाघात हो गया। इसके बाद परिवार के लोग जाग गए और चोरों का भागना पड़ा।
वहीं ओमप्रकाश और उदयपुर के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। घटना की जानकारी के मिलते ही फतहनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
घटना उदयपुर जिले के फतहनगर कस्बे में बुधवार देर रात चोरों ने एक मकान पर धावा बोला। चोरों को घर में घुसता देख मकान मालिक ओमप्रकाश स्वर्णकार घबरा गया और उसे हृदयाघात हो गया। इसके बाद परिवार के लोग जाग गए और चोरों का भागना पड़ा।
विज्ञापन
वहीं ओमप्रकाश और उदयपुर के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। घटना की जानकारी के मिलते ही फतहनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
Trending Videos
चार थे चोर, खटपट की आवाज से नींद टूटी
चोरों को देखकर ओमप्रकाश स्वर्णकार को आया था हार्ट अटैक
- फोटो : amar ujala
सूत्रों के अनुसार नगर पालिका फतहनगर-सनवाड़ के पूर्व नेता प्रतिपक्ष गणपतलाल स्वर्णकार के छोटा भाई ओमप्रकाश कस्बे के वार्ड. 15 के निवासी हैं। बीती रात तीन से चार युवक चोरी करने की नीयत से मोटरसाइकिल पर आए और ओमप्रकाश के घर का दरवाजा तोड़ने का प्रयास करने लगे।
इस बीच खटपट से ओमप्रकाश जाग गया। वह जोर से चिल्लाया और जब तक परिजन आते उसे घबराहट होने लगी और वह पसीना-पसीना होकर गिर गया। इसके बाद परिजनों ने उनको चिकित्सालय पहुंचाया। जहां से उन्हें उदयपुर रैफर कर दिया गया।
वहीं ओमप्रकाश के घर से चोरों के कुछ हाथ नहीं लगा तो वे यहां से भाग कर वह पड़ोस के घर मोहनसिंह चाय वाले के यहां पहुंचे। वहां से वह एक जूते जोड़ी ही चोरी कर ले गए। इसके बाद पास के जगदीश चंद्र स्वर्णकार के घर में घुस गए। वहां से एक मोबाइल चुराया और दूध पीकर भाग निकले। हालांकि चोरों ने दोनों घरों में से कोई मोटी रकम या जेवरात चुराने का प्रयास नहीं किया।
इस बीच खटपट से ओमप्रकाश जाग गया। वह जोर से चिल्लाया और जब तक परिजन आते उसे घबराहट होने लगी और वह पसीना-पसीना होकर गिर गया। इसके बाद परिजनों ने उनको चिकित्सालय पहुंचाया। जहां से उन्हें उदयपुर रैफर कर दिया गया।
वहीं ओमप्रकाश के घर से चोरों के कुछ हाथ नहीं लगा तो वे यहां से भाग कर वह पड़ोस के घर मोहनसिंह चाय वाले के यहां पहुंचे। वहां से वह एक जूते जोड़ी ही चोरी कर ले गए। इसके बाद पास के जगदीश चंद्र स्वर्णकार के घर में घुस गए। वहां से एक मोबाइल चुराया और दूध पीकर भाग निकले। हालांकि चोरों ने दोनों घरों में से कोई मोटी रकम या जेवरात चुराने का प्रयास नहीं किया।