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झीलों की नगरी तक ये टनल लाती है पानी, एकाएक आ गई बड़ी परेशानी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 11 Nov 2017 12:48 PM IST
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धंस गई टनल
- फोटो : अमर उजाला
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उदयपुर की झीलों को भरा रखने के लिए बनाए गए देवास प्रोजेक्ट-2 की मुख्य सुरंग शुक्रवार को ढह गई। 11 किलोमीटर लम्बी इस सुरंग के आकोदड़ा बांध के इनलेट से 1.9 किलोमीटर दूर उदयपुर-कलेश्वर रोड पर करनाली गांव में यह घटना हुई है। करनाली में सुरंग के ऊपर की करीब 1500 वर्ग फीट क्षेत्र की चट्टान शुक्रवार सुबह अचानक धंस गई और वहां बड़ा गड्ढ़ा बन गया।
353 करोड़ के देवास प्रोजेक्ट-2 (मोहनलाल सुखाड़िया जल अपवर्तन परियोजना) के तहत बनी यह सुरंग जमीन से 60 मीटर नीचे से गुजर रही है। इस टनल को नुकसान होने को लेकर प्रारंभिक तौर पर स्थिति साफ नहीं हो सकी है, लेकिन अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। इसी टनल से देवास का पानी उदयपुर की झीलों तक आता है। जलसंसाधन विभाग के एडिशनल चीफ इंजीनियर राजेश टेपण अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
चट्टानें कमजोर होने से संभावित खतरे को देखते हुए टीम नजदीक से मुआयना नहीं कर पाई। स्थिति स्पष्ट करने को लेकर विशेषज्ञों की टीम शनिवार को भी मौके पर पहुंचेगी। मौका स्थिति देखने के बाद अधिकारियों ने ऑफिस में आकर टनल का अलाइनमेंट देखकर यह पता लगाया कि जिस जगह चट्टान धंसी है, वह टनल के ऊपर का ही हिस्सा है। चट्टान धंसने से मलबा टनल के अंदर तो नहीं पहुंचा, इसका पता लगाने के लिए शाम चार बजे आकोदड़ा बांध का गेट चार इंच खोला गया।
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353 करोड़ के देवास प्रोजेक्ट-2 (मोहनलाल सुखाड़िया जल अपवर्तन परियोजना) के तहत बनी यह सुरंग जमीन से 60 मीटर नीचे से गुजर रही है। इस टनल को नुकसान होने को लेकर प्रारंभिक तौर पर स्थिति साफ नहीं हो सकी है, लेकिन अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। इसी टनल से देवास का पानी उदयपुर की झीलों तक आता है। जलसंसाधन विभाग के एडिशनल चीफ इंजीनियर राजेश टेपण अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
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चट्टानें कमजोर होने से संभावित खतरे को देखते हुए टीम नजदीक से मुआयना नहीं कर पाई। स्थिति स्पष्ट करने को लेकर विशेषज्ञों की टीम शनिवार को भी मौके पर पहुंचेगी। मौका स्थिति देखने के बाद अधिकारियों ने ऑफिस में आकर टनल का अलाइनमेंट देखकर यह पता लगाया कि जिस जगह चट्टान धंसी है, वह टनल के ऊपर का ही हिस्सा है। चट्टान धंसने से मलबा टनल के अंदर तो नहीं पहुंचा, इसका पता लगाने के लिए शाम चार बजे आकोदड़ा बांध का गेट चार इंच खोला गया।
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नहीं हुआ है कोई नुकसान
व्हाइट सिटी उदयपुर
एक्सईएन हेमंत पनडिया ने बताया कि टनल से शाम करीब सात बजे पानी कोडियात स्थित आउट लेट पर पहुंचा। इससे टनल को नुकसान होने जैसी कोई बात नजर नहीं आ रही। यदि पानी मटमैला आता तो टनल के नुकसान होने की संभावना बढ़ जाती।
जलसंसाधन विभाग के एडिशनल चीफ इंजीनियर के राजेश टेपण ने कहा कि प्रथम दृष्टया लग रहा है कि टनल को नुकसान नहीं हुआ है। फिर भी शनिवार को एक्सपर्ट और हमारी टीम वस्तुस्थिति देखने टनल के अंदर जाएगी। पहली बार ऐसा सामने आया है इसलिए भू वैज्ञानिक से भी राय लेंगे कि भविष्य में ऐसी आशंका तो नहीं है।
जलसंसाधन विभाग के एडिशनल चीफ इंजीनियर के राजेश टेपण ने कहा कि प्रथम दृष्टया लग रहा है कि टनल को नुकसान नहीं हुआ है। फिर भी शनिवार को एक्सपर्ट और हमारी टीम वस्तुस्थिति देखने टनल के अंदर जाएगी। पहली बार ऐसा सामने आया है इसलिए भू वैज्ञानिक से भी राय लेंगे कि भविष्य में ऐसी आशंका तो नहीं है।