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कोटा के ये आम बन गए है राष्ट्रपति भवन में मुगल गार्डन के खास
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 14 May 2017 05:17 PM IST
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सदाबहार आम के साथ किशन
- फोटो : अमर उजाला
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राजस्थान में कोटा के एक किसान के खेत में चिन्हित की गई आम की एक खास किस्म राष्ट्रपति भवन के मुगल गार्डन में पहुंचकर खास हो गए है। ये आम है सदाबहार।
आम की सदाबहार किस्म दिल्ली स्थित मुगल गार्डन की शान है। यहां इस किस्म के चार पेड़ है। इस आम की खास बात यह है कि इस किस्म की पहचान कोटा के किसान किशन सुमन ने की थी।
किशन बताते हैं कि उनके चार बीघा खेत में आम के 22 मदर प्लांट्स और 300 ग्राफ्टेड प्लांट्स लगे हुए हैं। सदाबहार नाम की आम की यह किस्म रोग प्रतिरोधी है। बौनी किस्म होने से इसे गमले में भी लगाया जा सकता है। इसमें वर्ष भर नियमित रूप से फल आते हैं और ये सघन रोपण के लिए भी उपयुक्त है।
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सुमन का कहना है कि 17 साल पहले उन्होंने अपने फलों के बगीचे में आम के ऐसे पेड़ की पहचान की थी, जो तीन ऋतुओं यानी बारह महीनों जनवरी-फरवरी, जून-जुलाई तथा सितंबर-अक्टूबर में फल दे रहा था। इस पौधे को संरक्षित करने एवं ग्राफ्टिंग द्वारा अन्य पौधे तैयार करने पर इनमें बेहतरीन विकास देखने को मिला और इनमें दूसरे वर्ष से ही आम लगने लगे। सुमन ने बताया कि 24 मई से आयोजित होने वाले ग्राम कोटा में भी इसे प्रदर्शित किया जाएगा।
वर्तमान में सदाबहार आम पेटेंट की प्रक्रिया में है। इसकी पौध को अब नियमित रूप से छत्तीसगढ़, दिल्ली एवं हरियाणा भेजा जा रहा है। गौरतलब है कि सुमन को नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन की प्रदर्शनी में पुरस्कृत किया जा चुका है और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी इसकी सराहना की थी।
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आम की सदाबहार किस्म दिल्ली स्थित मुगल गार्डन की शान है। यहां इस किस्म के चार पेड़ है। इस आम की खास बात यह है कि इस किस्म की पहचान कोटा के किसान किशन सुमन ने की थी।
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किशन बताते हैं कि उनके चार बीघा खेत में आम के 22 मदर प्लांट्स और 300 ग्राफ्टेड प्लांट्स लगे हुए हैं। सदाबहार नाम की आम की यह किस्म रोग प्रतिरोधी है। बौनी किस्म होने से इसे गमले में भी लगाया जा सकता है। इसमें वर्ष भर नियमित रूप से फल आते हैं और ये सघन रोपण के लिए भी उपयुक्त है।
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सुमन का कहना है कि 17 साल पहले उन्होंने अपने फलों के बगीचे में आम के ऐसे पेड़ की पहचान की थी, जो तीन ऋतुओं यानी बारह महीनों जनवरी-फरवरी, जून-जुलाई तथा सितंबर-अक्टूबर में फल दे रहा था। इस पौधे को संरक्षित करने एवं ग्राफ्टिंग द्वारा अन्य पौधे तैयार करने पर इनमें बेहतरीन विकास देखने को मिला और इनमें दूसरे वर्ष से ही आम लगने लगे। सुमन ने बताया कि 24 मई से आयोजित होने वाले ग्राम कोटा में भी इसे प्रदर्शित किया जाएगा।
वर्तमान में सदाबहार आम पेटेंट की प्रक्रिया में है। इसकी पौध को अब नियमित रूप से छत्तीसगढ़, दिल्ली एवं हरियाणा भेजा जा रहा है। गौरतलब है कि सुमन को नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन की प्रदर्शनी में पुरस्कृत किया जा चुका है और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी इसकी सराहना की थी।