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जयपुरिया अस्पताल को ये सौगातें और मरीजों को मिलेगी राहत
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 18 May 2017 07:46 PM IST
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कालीचरण सर्राफ।
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अगले दो महीनों में जयपुरिया अस्पताल को कई सुविधाओं की सौंगात मिलेंगी, जिससे मरीज भी राहत की सांस ले सकेंगे। इनमें 24 मई को स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट शुरू की जाएगी। तो वहीं जून के अन्त तक सीटी-स्केन व अगस्त माह से एमआरआई की सुविधा शुरू होंगी। लगभग तीन माह बाद चिकित्सालय में कैथलैब की सुविधा भी मुहैया करवा दी जाएगी।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ की अध्यक्षता में गुरुवार को जयुपरिया चिकित्सालय की समीक्षा बैठक हुई। सराफ ने चिकित्सालय में निर्माणाधीन 20 बैड के एसएनसीयू की को सभी आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित करने के निर्देश दिए। इस चिकित्सालय में प्रतिमाह 300 प्रसव होते हैं तथा एसएनसीयू स्थापित होने से नवजात शिशुओं को विभिन्न जटिल बीमारियों की स्थिति में समुचित उपचार सुविधाएं यहीं मिल सकेंगी। चिकित्सालय में होने वाले प्रसवों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए मातृ शिशु स्वास्थ्य केन्द्र की वर्तमान 100 बैड की व्यवस्था को दोगुना कर 200 बैड का किया जा रहा है। इस कार्य का जून माह के प्रथम सप्ताह में शिलान्यास किया जाएगा।
चिकित्सा मंत्री ने चिकित्सालय में लगाई जा रही सीटी-स्केन व एमआरआई मशीनों के बारे में कहा कि सीटी-स्केन जून माह के अंत तक काम करने लगेगी। एमआरआई मशीन स्थापित करने के लिए सिविल कार्य पूराकर अगस्त माह से एमआरआई की सुविधा भी शुरू कर दी जाएगी। चिकित्सालय परिसर में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत करीब 17 करोड़ की लागत से तीन मंजिला पार्किंग बनवाई जा रही है। इस पार्किंग के प्रस्ताव को आज चिकित्सा मंत्री ने अनुमति प्रदान की। इन प्रस्तावों के अनुसार पार्किंग मे 150 चार पहिया वाहनों की पार्किंग की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।
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सराफ ने बताया कि इस चिकित्सालय में झालावाड़ मेडिकल कॉलेज की तर्ज पर डायलिसिस की सुविधा भी शीघ्र ही प्रारम्भ की जा रही है। स्वाईनफ्लू के उपचार के लिएय उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की एवं सम्भावित स्वाईनफ्लू रोगियो के लिये अलग से आईसोलेशन वार्ड की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस समय चिकित्सालय मे 20 बैड का आईसोलेशन वार्ड है। साथ ही स्वाईनफ्लू की जांच के लिये सैम्पल कलेक्शन सेन्टर भी संचालित किया जा रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिये शीघ्र ही 21 प्रोफेसर व एसोसिएट प्रोफेसर की शीघ्र ही नियुक्ति की जा रही है।
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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ की अध्यक्षता में गुरुवार को जयुपरिया चिकित्सालय की समीक्षा बैठक हुई। सराफ ने चिकित्सालय में निर्माणाधीन 20 बैड के एसएनसीयू की को सभी आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित करने के निर्देश दिए। इस चिकित्सालय में प्रतिमाह 300 प्रसव होते हैं तथा एसएनसीयू स्थापित होने से नवजात शिशुओं को विभिन्न जटिल बीमारियों की स्थिति में समुचित उपचार सुविधाएं यहीं मिल सकेंगी। चिकित्सालय में होने वाले प्रसवों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए मातृ शिशु स्वास्थ्य केन्द्र की वर्तमान 100 बैड की व्यवस्था को दोगुना कर 200 बैड का किया जा रहा है। इस कार्य का जून माह के प्रथम सप्ताह में शिलान्यास किया जाएगा।
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चिकित्सा मंत्री ने चिकित्सालय में लगाई जा रही सीटी-स्केन व एमआरआई मशीनों के बारे में कहा कि सीटी-स्केन जून माह के अंत तक काम करने लगेगी। एमआरआई मशीन स्थापित करने के लिए सिविल कार्य पूराकर अगस्त माह से एमआरआई की सुविधा भी शुरू कर दी जाएगी। चिकित्सालय परिसर में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत करीब 17 करोड़ की लागत से तीन मंजिला पार्किंग बनवाई जा रही है। इस पार्किंग के प्रस्ताव को आज चिकित्सा मंत्री ने अनुमति प्रदान की। इन प्रस्तावों के अनुसार पार्किंग मे 150 चार पहिया वाहनों की पार्किंग की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।
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सराफ ने बताया कि इस चिकित्सालय में झालावाड़ मेडिकल कॉलेज की तर्ज पर डायलिसिस की सुविधा भी शीघ्र ही प्रारम्भ की जा रही है। स्वाईनफ्लू के उपचार के लिएय उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की एवं सम्भावित स्वाईनफ्लू रोगियो के लिये अलग से आईसोलेशन वार्ड की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस समय चिकित्सालय मे 20 बैड का आईसोलेशन वार्ड है। साथ ही स्वाईनफ्लू की जांच के लिये सैम्पल कलेक्शन सेन्टर भी संचालित किया जा रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिये शीघ्र ही 21 प्रोफेसर व एसोसिएट प्रोफेसर की शीघ्र ही नियुक्ति की जा रही है।