Jaipur Mayor By Election: मेयर प्रत्याशी को लेकर भाजपा में फूट, बाड़ाबंदी में दोनों पार्टी के पार्षद
रश्मि सैनी को महापौर प्रत्याशी बनाने पर भाजपा में फूट पड़ गई है। ऐसे में भाजपा को क्रॉसवोटिंग का डर सता रहा है। दूसरी ओर कांग्रेस भाजपा के अंदरुनी कलह का फायदा उठाने की रणनीति बनाने में जुटी है।
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10 नवबंर को जयपुर ग्रेटर नगर निगम में महापौर का चुनाव होगा। अब महापौर का चुनाव दिलचस्प मोड़ पर आ गया है। दोनों पार्टियों ने क्रॉसवोटिंग के डर से अपने-अपने पार्षदों की बाड़ेबंदी कर ली है। इस चुनाव में कांग्रेस के पास खोने को कुछ नहीं है लेकिन भाजपा में चल रही अंतर्कलह के बीच कांग्रेस सेंधमारी की रणनीति बनाने में जुटी है।
भाजपा की ओर से रश्मि सैनी को महापौर का प्रत्याशी बनाया गया है। रश्मि सैनी के नाम को लेकर भाजपा धड़ों में बंटी नजर आ रही है। महापौर कैंडिडेट चुन लेने के बाद अब भाजपा के तीन वर्तमान और दो पूर्व विधायकों की साख दांव पर लग गई है। वहीं कांग्रेस की ओर से हेमा सिंघानिया को महापौर प्रत्याशी बनाया गया है। ऐसे में कांग्रेस भाजपा के कलह के बीच क्रॉस वोटिंग के जरिये सिंहासन हथिया सकती है। जैसे-जैसे महापौर चुनने की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे चुनाव दिलचस्प होता जा रहा है। भाजपा नेता और वसुंधरा गुट के विधायक क्रॉसवोटिंग रोकने में जुटे हैं। वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र से जीतकर आए सभी पार्षदों से संपर्क में हैं। वहीं नाराज पार्षदों को मनाने की पूरी कोशिश की जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सभी पार्षदों का बाड़ेबंदी में नहीं पहुंचना भाजपा की सबसे बड़ी चिंता का कारण है। आंकड़ों पर नजर डाले तो भाजपा के 85 पार्षद हैं। वहीं आठ निर्दलीय भाजपा को समर्थन दे रहे हैं। ऐसे में कुल 93 पार्षद में से केवल 54 पार्षद ही बाड़ेबंदी में पहुंचे हैं। हालांकि, पार्टी पदाधिकारियों का दावा है कि 68 पार्षद होटल में बंद हैं और बाकी पार्षद भी बाड़ेबंदी में पहुंच जाएंगे।
कांग्रेस ने भी अपने पार्षदों की बाड़ेबंदी कर रखी है। कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि भाजपा के पार्षदों में नाराजगी है, जिसका हमें फायदा मिल सकता है। उन्होंने कहा कि हम नंबर गेम में जरूर पीछे हैं लेकिन जब गणित बदलती है तो बहुत तेजी से बदलती है। खाचरियावास ने बाड़ेबंदी करने के पीछे की वजह बताई। उन्होंने कहा कि जो नाराज भाजपा पार्षद हमारे पास आएंगे, उन्हें हम कहां रखेंगे। इसलिए बाड़ेबंदी की गई है।