{"_id":"5983fd964f1c1bc6758b4a12","slug":"human-trafficcking-gang-busted-by-jodhpur-police","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बड़ा खुलासा: लड़कियों को नौकरी दिलाने की कहकर किया जाता था ये सब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बड़ा खुलासा: लड़कियों को नौकरी दिलाने की कहकर किया जाता था ये सब
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 04 Aug 2017 10:22 AM IST
विज्ञापन
डेमो इमेज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेसहारा लड़कियों नौकरी दिलाकर अच्छी जिंदगी जीने के सपने दिखाकर उनसे खिलवाड़ करने का एक बहुत बड़ा खेल सामने आया है। यहां जोधपुर जिला ग्रामीण पुलिस ने शादी की नीयत से मानव तस्करी के अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गिरोह की मुखिया को गिरफ्तार किया है जिसके बाद आरोपी महिला से पूछताछ कर रही है।
जानकारी के अनुसार जोधपुर के बिलाड़ा थाने में 28 जुलाई को एक महिला ज्योत्सना ऊर्फ ज्योसना ने निवासी दिघ्धी जिला रायगढ़ महाराष्ट्र ने रिपोर्ट दी थी कि वह मुम्बई में किराए के मकान में रहती थी। उसके पास रोजगार नहीं होने कारण एक परिचित ने उसे काम दिलाने का कहकर कल्पना नामक महिला से मिलवाया। इसके बाद कल्पना व उसका पति उसे काम के बहाने मध्यप्रदेश के खंडवा लेकर गए।
खंडवा में कल्पना ने अपनी सास जीजा बाई ऊर्फ मौसी जो की गिरोह की मुखिया और मास्टर माइंड है ने अपने बेटे प्रकाश, ठेकेदार छोटू चाचा उसे यहां से हरदा लेकर पहुंचे जहां उन्होंने हरदा में रावर निवासी भभुतराम विश्नोई, जय प्रकाश विश्नोई निवासी बेडा व गोकुलराम विश्नोई बेडा से मिलवाया। अरोपियों ने उसे राजस्थान में काम होने और प्रतिदिन 500 रूपए देने की बात कही।
विज्ञापन
जबकि आरोपियों ने ज्योत्सना को रावर निवासी भभुतराम विश्नोई, जय प्रकाश विश्नोई निवासी बेडा व गोकूलराम विश्नोई बेडा को 1 लाख 70 हजार में बेच दिया था । इसके बाद आरोपी और खरीददार ज्योत्सना को लेकर रावर की ढाणी बिलाड़ा पहुंचे। यहां से आरोपी प्रकाश, जय प्रकाश व छोटू चाचा उसे छोड़कर वापस चले गए।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार जोधपुर के बिलाड़ा थाने में 28 जुलाई को एक महिला ज्योत्सना ऊर्फ ज्योसना ने निवासी दिघ्धी जिला रायगढ़ महाराष्ट्र ने रिपोर्ट दी थी कि वह मुम्बई में किराए के मकान में रहती थी। उसके पास रोजगार नहीं होने कारण एक परिचित ने उसे काम दिलाने का कहकर कल्पना नामक महिला से मिलवाया। इसके बाद कल्पना व उसका पति उसे काम के बहाने मध्यप्रदेश के खंडवा लेकर गए।
विज्ञापन
खंडवा में कल्पना ने अपनी सास जीजा बाई ऊर्फ मौसी जो की गिरोह की मुखिया और मास्टर माइंड है ने अपने बेटे प्रकाश, ठेकेदार छोटू चाचा उसे यहां से हरदा लेकर पहुंचे जहां उन्होंने हरदा में रावर निवासी भभुतराम विश्नोई, जय प्रकाश विश्नोई निवासी बेडा व गोकुलराम विश्नोई बेडा से मिलवाया। अरोपियों ने उसे राजस्थान में काम होने और प्रतिदिन 500 रूपए देने की बात कही।
विज्ञापन
जबकि आरोपियों ने ज्योत्सना को रावर निवासी भभुतराम विश्नोई, जय प्रकाश विश्नोई निवासी बेडा व गोकूलराम विश्नोई बेडा को 1 लाख 70 हजार में बेच दिया था । इसके बाद आरोपी और खरीददार ज्योत्सना को लेकर रावर की ढाणी बिलाड़ा पहुंचे। यहां से आरोपी प्रकाश, जय प्रकाश व छोटू चाचा उसे छोड़कर वापस चले गए।
शक होने पर पुलिस तक ऐसे पहुंची फिर सुनाई आपबीती
मानव तस्करी गैंग की मुखिया जीजा बाई
- फोटो : amar ujala
अरोपियों ने उसे राजस्थान में काम होने और प्रतिदिन 500 रूपए देने की बात कही। जबकि आरोपियों ने ज्योत्सना को रावर निवासी भभुतराम विश्नोई, जय प्रकाश विश्नोई निवासी बेडा व गोकूलराम विश्नोई बेडा को 1 लाख 70 हजार में बेच दिया था । इसके बाद आरोपी और खरीददार ज्योत्सना को लेकर रावर की ढाणी बिलाड़ा पहुंचे। यहां से आरोपी प्रकाश, जय प्रकाश व छोटू चाचा उसे छोड़कर वापस चले गए।
इसके बाद दो-तीन तक रहने के बाद ज्योत्सना को कुछ गड़बड़ होने का अंदेशा हुआ तो उसने अपनी पूरी पीड़ा भभूताराम व बंशीलाल को बताई की वह शादीशुदा है और गर्भवती भी है। वह यहां केवल काम करने के लिए आई है। इस पर भभूताराम व बंशीलाल ने उसे खरीदकर लाने की बात कही। इसके बाद भभूताराम का बेटा हड़मान भी रावर की ढाणी आ गया और उसने ज्योत्सना के साथ जोरजबरदस्ती की और गर्भ गिराने के लिए उसे दवा भी दी। इस पर ज्योत्सना भागने का मौका देखने लगी और रात को जब सभी सो रहे थे तो घर से भागकर बिलाड़ा थाने पहुंचकर पुलिस को अपनी पूरी पीड़ा बताई।
इसके बाद दो-तीन तक रहने के बाद ज्योत्सना को कुछ गड़बड़ होने का अंदेशा हुआ तो उसने अपनी पूरी पीड़ा भभूताराम व बंशीलाल को बताई की वह शादीशुदा है और गर्भवती भी है। वह यहां केवल काम करने के लिए आई है। इस पर भभूताराम व बंशीलाल ने उसे खरीदकर लाने की बात कही। इसके बाद भभूताराम का बेटा हड़मान भी रावर की ढाणी आ गया और उसने ज्योत्सना के साथ जोरजबरदस्ती की और गर्भ गिराने के लिए उसे दवा भी दी। इस पर ज्योत्सना भागने का मौका देखने लगी और रात को जब सभी सो रहे थे तो घर से भागकर बिलाड़ा थाने पहुंचकर पुलिस को अपनी पूरी पीड़ा बताई।
पुलिस ने दिखाई गंभीरता महाराष्ट्र,एमपी में भेजी टीमें
बिलाड़ा पुलिस की गिरफ्त में मानव तस्करी गैंग की सरगना जीजा बाई
- फोटो : amar ujala
पुलिस को ज्योत्सना की बात से यह मामला शादी के लिए लडकियों के बेचान और मानव तस्करी का लगा। इस पर पुलिस अधीक्षक जोधपुर ग्रामीण के निर्देश पर टीमों का गठन किया गया। गिरोह को पकड़ने के लिए पुलिस ने एक महाराष्ट्र और दूसरी टीम मध्यप्रदेश भेजी।
संभावित ठिकानों पर दबिश दी तो मुम्बई में कलवा भास्कर नगर से पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे। कॉल डिटेल और लोकेशन के बाद मास्टर माइंड जीजा बाई की लोकेशन झुंझुनूं में मिली। इस पर टीम ने संभावित स्थान पर दबिश देकर उसे पकड़ लिया और उससे कड़ी पूछताछ की तो आरोपी मास्टर माइंड ने पूरी कहानी बयां कर दी जिसके बाद उसे मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया और अब उससे बिलाड़ा पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी पूछताछ कर रही है।
संभावित ठिकानों पर दबिश दी तो मुम्बई में कलवा भास्कर नगर से पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे। कॉल डिटेल और लोकेशन के बाद मास्टर माइंड जीजा बाई की लोकेशन झुंझुनूं में मिली। इस पर टीम ने संभावित स्थान पर दबिश देकर उसे पकड़ लिया और उससे कड़ी पूछताछ की तो आरोपी मास्टर माइंड ने पूरी कहानी बयां कर दी जिसके बाद उसे मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया और अब उससे बिलाड़ा पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी पूछताछ कर रही है।