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नहीं माने आदेश तो रोक दें कलक्टर सहित अन्य अधिकारियों का वेतन
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 10 Jul 2017 02:06 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने आज सीकर के खंडेला ग्राम पंचायत से जुड़ी सड़कों के मामले में सुनवाई की। हाईकोर्ट ने कहा कि आदेश नहीं मान जाएं तो कलक्टर सहित अन्य अधिकारियों का वेतन रोक दिया जाए।
राजस्थान हाईकोर्ट ने खंडेला ग्राम पंचायत से जुड़ी 52 सड़कों के लेब टेस्ट को ये आदेश दिए। मामले द्वारका प्रसाद की ओर से जनहित याचिका लगाई गई थी। याचिका में बताया गया था कि हाईकोर्ट ने खंडेला ग्राम पंचायत की 52 सड़कों की गुणवत्ता को लेकर बीती 1 मई को लेब टेस्टिंग कराने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद हाईकोर्ट के आदेशों की पालना नहीं की गई। इस पर हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए तीन माह में आदेशों की पालना कराने के आदेश दिए। साथ ही, कहा कि यदि तीन माह में आदेश पालन नहीं किए जाते हैं तो पंचायती राज के प्रमुख शासन सचिव, सीकर कलक्टर और डिविजनल कमिश्नर का वेतन रोक दिया जाए।
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राजस्थान हाईकोर्ट ने खंडेला ग्राम पंचायत से जुड़ी 52 सड़कों के लेब टेस्ट को ये आदेश दिए। मामले द्वारका प्रसाद की ओर से जनहित याचिका लगाई गई थी। याचिका में बताया गया था कि हाईकोर्ट ने खंडेला ग्राम पंचायत की 52 सड़कों की गुणवत्ता को लेकर बीती 1 मई को लेब टेस्टिंग कराने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद हाईकोर्ट के आदेशों की पालना नहीं की गई। इस पर हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए तीन माह में आदेशों की पालना कराने के आदेश दिए। साथ ही, कहा कि यदि तीन माह में आदेश पालन नहीं किए जाते हैं तो पंचायती राज के प्रमुख शासन सचिव, सीकर कलक्टर और डिविजनल कमिश्नर का वेतन रोक दिया जाए।
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