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यहां रात को जिंदा लोगों की समाधी पर जले दीपक, सुबह गोवर्धन पूजा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 21 Oct 2017 12:14 AM IST
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जिंदा लोगों की समाधी
- फोटो : Amar Ujala
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20 दिनों से चल रहे सत्याग्रह की यह एक ऐसी तस्वीर और कहानी है। जहां कई महिला और पुरुष जिंदा ही जमीन में समाधी लेकर बैठे है और इस समाधियों के चारों तरफ रात को दीपक जलाकर दीपोत्सव मनाया गया वहीं सुबह महिलाओं ने गोवर्धन पूजा की।
इस दृश्य को देखकर हर कोई भावुक हो गया। लेकिन समाधी में मौजूद लोगों ने नारेबाजी कर फिर से जोश भर दिया।यह मामला है जयपुर में जेडीए की नींदड़ आवासीय योजना के विरोध में किसानों के आंदोलन का। जो कि पिछले लगभग 20 दिनों से जारी है।
यहां जेडीए आवासीय योजना बसाने के लिए नींदड़ गांव की 1350 बीघा जमीन अवाप्त करने जा रहा है। लेकिन स्थानीय किसान इसके विरोध में पिछले 20 दिनों से सत्याग्रह कर रहे है। इन्होंने जमीन में गड्डे कर समाधी ले ली है। खास बात यह है कि....
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इस दृश्य को देखकर हर कोई भावुक हो गया। लेकिन समाधी में मौजूद लोगों ने नारेबाजी कर फिर से जोश भर दिया।यह मामला है जयपुर में जेडीए की नींदड़ आवासीय योजना के विरोध में किसानों के आंदोलन का। जो कि पिछले लगभग 20 दिनों से जारी है।
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यहां जेडीए आवासीय योजना बसाने के लिए नींदड़ गांव की 1350 बीघा जमीन अवाप्त करने जा रहा है। लेकिन स्थानीय किसान इसके विरोध में पिछले 20 दिनों से सत्याग्रह कर रहे है। इन्होंने जमीन में गड्डे कर समाधी ले ली है। खास बात यह है कि....
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एकजुट होकर जेडीए के खिलाफ मोर्चा खोल दिया, इसके बाद
सुबह महिलाओं ने गोवर्धन पूजा की
- फोटो : Amar Ujala
दीपावली के त्यौहार पर 1350 किसानों ने जमीन में समाधी ली और बाकी गांव वालों ने उनके चारों तरफ कर दीप जलाए। इनमें लगभग आठ सौ महिलाएं भी शामिल थीं। इसके बाद आज सुबह समाधी स्थल पर ही गोवर्धन पूजा की गई। आंदोलन कर रहे किसानों का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन सरकार को नहीं सौंपेंगे।
आंदोलनकारी क्रमिक उपवास भी कर रहे हैं। वहीं, अब जमीन अवाप्ति की कार्रवाई जेडीए ने दूसरे किसानों से संपर्क कर जमीन समर्पित करवाने का काम तेज कर दिया है। माना जा रहा है कि दीपावली के बाद सोमवार से जेडीए जमीन अवाप्ति की कार्रवाई शुरु करेगा।
नींदड़ बचाओ युवा किसान संघर्ष समिति के संयोजक नगेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि जेडीए की हठधर्मिता के कारण नींदड़ गांव में किसानों ने अपनी जमीन बचाने के लिए धरनास्थल पर ही दिवाली मनाई। फिर भी किसान अपनी जमीन नहीं देंगे।
आंदोलनकारी क्रमिक उपवास भी कर रहे हैं। वहीं, अब जमीन अवाप्ति की कार्रवाई जेडीए ने दूसरे किसानों से संपर्क कर जमीन समर्पित करवाने का काम तेज कर दिया है। माना जा रहा है कि दीपावली के बाद सोमवार से जेडीए जमीन अवाप्ति की कार्रवाई शुरु करेगा।
नींदड़ बचाओ युवा किसान संघर्ष समिति के संयोजक नगेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि जेडीए की हठधर्मिता के कारण नींदड़ गांव में किसानों ने अपनी जमीन बचाने के लिए धरनास्थल पर ही दिवाली मनाई। फिर भी किसान अपनी जमीन नहीं देंगे।
और ये है आरोप प्रत्यारोप
जमीन में समाधी ली और दीप जलाए
- फोटो : Amar Ujala
जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) सीकर रोड स्थित नींदड़ गांव में 1350 बीघा जमीन पर आवासीय कॉलोनी ला रहा है। इसके लिए जेडीए ने 16 सितंबर को कॉलोनी का एंट्री गेट निकालने के लिए सीकर रोड की तरफ 15 जमीन का कब्जा लेते हुए सड़क बना दी थी, लेकिन दो दिन बाद ही अवाप्ति से प्रभावित लोगों ने एकजुट होकर जेडीए के खिलाफ मोर्चा खोल दिया, इसके बाद लगातार धरना- प्रदर्शन चल रहा है।
जेडीए ने वहीं प्रदर्शनकारियों के खिलाफ विवादित भूमि पर सड़क खोदने पर एफआईआर दर्ज करवाई। बताया जा रहा है कि अभी तक करीब 500 बीघा जमीन जेडीए ने अवाप्त कर ली है। वहीं 700 बीघा जमीन किसानों के पास ही है तथा मुआवजा भी नहीं लिया है।
जमीन का मुआवजा देने के लिए जेडीए ने नोटिस जारी कर दिए थे, लेकिन लोगों ने वहां गड्ढ़े खोद दिए। जेडीए ने मुआवजा कोर्ट में जमा करवा दिया। किसानों का कहना है कि जेडीए 2010 की डीएलसी रेट दे रहा है। जो कि गलत है।
जेडीए ने वहीं प्रदर्शनकारियों के खिलाफ विवादित भूमि पर सड़क खोदने पर एफआईआर दर्ज करवाई। बताया जा रहा है कि अभी तक करीब 500 बीघा जमीन जेडीए ने अवाप्त कर ली है। वहीं 700 बीघा जमीन किसानों के पास ही है तथा मुआवजा भी नहीं लिया है।
जमीन का मुआवजा देने के लिए जेडीए ने नोटिस जारी कर दिए थे, लेकिन लोगों ने वहां गड्ढ़े खोद दिए। जेडीए ने मुआवजा कोर्ट में जमा करवा दिया। किसानों का कहना है कि जेडीए 2010 की डीएलसी रेट दे रहा है। जो कि गलत है।