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गुर्जर आरक्षणः राजस्थान में गुर्जर फिर OBC में, SBC आरक्षण समाप्त

अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Fri, 19 May 2017 08:26 PM IST
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गुर्जर आंदोलनकारी
गुर्जर आंदोलनकारी - फोटो : अमर उजाला

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राजस्थान में गुर्जर सहित पांच जातियों को 13 साल बाद पुन: अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण कोटे में शामिल कर लिया गया है। ये जातियां ओबीसी में भी अस्थाई रूप से शामिल हो पाई हैं। इससे पहले इन जातियों विशेष पिछड़ा वर्ग (एसबीसी) आरक्षण कोटे में शामिल किया गया था। अब नई अधिसूचना जारी होने के बाद एसबीसी में आरक्षण समाप्त हो गया है।
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आरक्षण को लेकर ये महत्वपूर्ण अधिसूचना राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग ने शुक्रवार को जारी की है। अधिसूचना के अनुसार, ओबीसी में बंजारा बालदिया एवं लबाना, गड़रिया, गाडरी तथा गायरी, गड़िया लोहार एव गोडिलिया, गूजर एवं गुर्जर और राइका, रैबारी तथा देबासी को अोबीसी आरक्षण की सूची में शामिल किया गया है। इस अधिसूचना के बाद इन पांचों जातियों को ओबीसी के तहत आरक्षण का लाभ मिलेगा। इन्हें अब एसबीसी वर्ग का लाभ नौकरियों में नहीं मिलेगा।


ओबीसी में अस्थाई रूप से इसलिए शामिल किया है, क्योंकि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका लम्बित है और सरकार ने कहा है कि यह अधिसूचना सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अधीन रहेगी, यानी कोर्ट का जैसा आदेश आएगा उस के हिसाब से अधिसूचना मे बदलाव कर दिया जाएगा।

गौरतलब है कि राजस्थान सरकार ने 16 अक्टूबर 2016 को जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य के अधीन सेवाओं में नियुक्तियां और पदों का आरक्षण अधिनियम 2008 को 31 जुलाई 2009 से राज्य में लागू किया गया। इस अधिनियम के तहत बंजारा, बालदिया, लबाना, गाड़िया लोहार, गाडोलिया, गुजर, गुर्जर, रायका, रैबारी जातियों को राज्य सरकार की अधिसूचना 25 अगस्त 2009 द्वारा एसबीसी में सम्मिलित किया गया एवं राज्य सरकार की अधिसूचना 28 नवंबर 2012 द्वारा गड़रिया, गायरी को विशेष पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल किया गया था।

उसके बाद राजस्थान विशेष पिछड़ा वर्ग अधिनियम 2015 को राज्य सरकार की अधिसूचना 16 अक्टूबर 2015 द्वारा राज्य में लागू किया गया। इस अधिनियम 2015 की धारा में सभी पांचों जातियों को विशेष पिछड़ा वर्ग के रूप में नाम निर्देशित किया गया था।

लेकिन, उच्च न्यायालय द्वारा डी.बी.सी.डब्ल्यू.पी व अन्य बनाम स्टेट आॅफ राजस्थान, डी.बी.सी. डब्ल्यू.पी. कानाराम धायल बनाम राजस्थान राज्य एवं अन्य डी.बी.सी.डब्ल्यू.पी. श्रवण सिंह तंवर बनाम राजस्थान राज्य व अन्य में अपने निर्णय 9 दिसंबर 2016 द्वारा अधिसूचना 16 अक्टूबर 2015 और राजस्थान विशेष पिछड़ा वर्ग अधिनियम 2015 को विखंडित किए जाने के बाद राजस्थान राज्य की अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में पुन: बंजारा, बालदिया, लबाना, गड़रिया, गायरी, गाड़िया लोहार, गाड़ोलिया, गूजर, गुर्जर, राइका, रैबारी को सम्मिलित किया गया है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि शुक्रवार को जारी अधिसूचना सर्वोच्च न्यायालय में लंबित अपील कैप्टन गुरूविंदर सिंह बनाम राजस्थान राज्य व अन्य के निर्णय के अधीन रहेगी।

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