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श्रीगंगानगर में रिश्तत लेते पकड़ा गया ग्राम सेवक
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 28 Mar 2017 06:56 PM IST
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gram sevak rajendra sharma
- फोटो : Vishnu Sharma
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श्रीगंगानगर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने मंगलवार को लालगढ़ जाटान के ग्राम सेवक— पदेन सचिव को 12 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी ने रिश्वत की रकम एक ठेकेदार से उसके द्वारा करवाए गए पेंडिंग बिल को पास करने की एवज में ली थी। ट्रेप की यह कार्रवाई एडिशनल एसपी राजेंद्र ढिंंढारिया के नेतृत्व में गठित टीम ने की।
एएसपी राजेंद्र ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी राजेंद्र शर्मा है। वह शंकर कॉलोनी, श्रीगंगानगर में रहता है तथा लालगढ़ जाटान पंचायत में ग्राम सेवक एवं पदेन सचिव है। उसके खिलाफ लालगढ़ जाटान निवासी ठेकेदार राजू सोनी ने एसीबी में शिकायत दी थी। जिसमें बताया कि उसने देवीलाल सरपंच के घर से नत्थू जाट के मकान की गली तक सड़क निर्माण कार्य करवाया था। इसका करीब एक लाख 61 हजार रुपए का बिल बना था। जिसमें करीब 41 हजार रुपए के बिल की राशि ग्राम पंचायत को पास करनी थी।
इस पेंडिंग रकम के बिल को पास करने की एवज में ग्राम सेवक राजेंद्र शर्मा ने 12 सौ रुपए की रिश्वत मांगी थी। साथ ही उसने ठेकेदार राजू सोनी के दो मजदूरों की जगह अपने दो आदमियों के नाम जोड़कर उनके काम के भुगतान का फर्जी बिल बना दिया। शिकायत का सत्यापन होने पर एसीबी ने राजू सोनी को रिश्वत की रकम लेकर ग्राम सचिव राजेंद्र शर्मा के पास भेजा। जहां रिश्वत लेते ही एसीबी ने राजेंद्र को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
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एएसपी राजेंद्र ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी राजेंद्र शर्मा है। वह शंकर कॉलोनी, श्रीगंगानगर में रहता है तथा लालगढ़ जाटान पंचायत में ग्राम सेवक एवं पदेन सचिव है। उसके खिलाफ लालगढ़ जाटान निवासी ठेकेदार राजू सोनी ने एसीबी में शिकायत दी थी। जिसमें बताया कि उसने देवीलाल सरपंच के घर से नत्थू जाट के मकान की गली तक सड़क निर्माण कार्य करवाया था। इसका करीब एक लाख 61 हजार रुपए का बिल बना था। जिसमें करीब 41 हजार रुपए के बिल की राशि ग्राम पंचायत को पास करनी थी।
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इस पेंडिंग रकम के बिल को पास करने की एवज में ग्राम सेवक राजेंद्र शर्मा ने 12 सौ रुपए की रिश्वत मांगी थी। साथ ही उसने ठेकेदार राजू सोनी के दो मजदूरों की जगह अपने दो आदमियों के नाम जोड़कर उनके काम के भुगतान का फर्जी बिल बना दिया। शिकायत का सत्यापन होने पर एसीबी ने राजू सोनी को रिश्वत की रकम लेकर ग्राम सचिव राजेंद्र शर्मा के पास भेजा। जहां रिश्वत लेते ही एसीबी ने राजेंद्र को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
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