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सीएम राजे को मनाने के लिए ग्रामसेवकों ने किया कुछ एेसा...
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 23 Mar 2017 07:36 PM IST
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प्रदर्शन के दौरान पूजा करते हुए ग्राम सेवक
- फोटो : अमर उजाला
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अपनी मांगों को लेकर करीब पांच हजार ग्राम सेवक गुरुवार को जयपुर में जुटे। उन्होंने पहले रैली निकाल कर अपनी मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया और फिर विधानसभा के बाहर घेराव किया। संघ के प्रदेशाध्यक्ष महावीर प्रसाद शर्मा ने कहा कि ग्राम सेवक अपनी वाजिब मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
शर्मा ने कहा कि ग्राम सेवकों की कोई सुनने वाला नहीं है। 320 कार्मिक रिटायर्ड हो गए हैं, कई महीने गुजरने के बाद भी अब तक उनकी पेंशन शुरू नहीं हो पाई। दूसरी तरफ ग्रामसेवकों की वेतन विसंगति भी दूर की जाए। उनका कहना है कि 42 कार्मिक ऐसे हैं जो चार हजार रुपए में पिछले सोलह साल से काम कर रहे हैं, उन्हें अब तक नियमित नहीं किया गया, जबकी उनकी तरह के बाकी कार्मिकों का नियमितिकरण हो चुका है। ऐसी कमियों को दूर करने के लिए आवाज तो उठानी ही पड़ेगी। इसी तरह की कुल 11 मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया था।
ग्रामसेवकों ने मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने के लिए त्रिपुरा सुंदरीदस की तस्वीर की पूजा भी की। रैली सुबह बाईस गोदाम पुलिया से रवाना होकर विधानसभा तक पहुंची। यहां गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया के साथ वार्ता भी हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया। सीएम को ओएसडी केके पाठक भी विफल रही। अब दस अप्रेल को आंदोलन का दूसरा चरण होगा,जिसमें वे आमरण अनशन करेंगे। वहीं अब 9894 ग्राम पंचायतों को ताला लगाया जाएगा और 27 लाख पट्टों के वितरण की योजना को भी विफल किया जाएगा।
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शर्मा ने कहा कि ग्राम सेवकों की कोई सुनने वाला नहीं है। 320 कार्मिक रिटायर्ड हो गए हैं, कई महीने गुजरने के बाद भी अब तक उनकी पेंशन शुरू नहीं हो पाई। दूसरी तरफ ग्रामसेवकों की वेतन विसंगति भी दूर की जाए। उनका कहना है कि 42 कार्मिक ऐसे हैं जो चार हजार रुपए में पिछले सोलह साल से काम कर रहे हैं, उन्हें अब तक नियमित नहीं किया गया, जबकी उनकी तरह के बाकी कार्मिकों का नियमितिकरण हो चुका है। ऐसी कमियों को दूर करने के लिए आवाज तो उठानी ही पड़ेगी। इसी तरह की कुल 11 मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया था।
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ग्रामसेवकों ने मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने के लिए त्रिपुरा सुंदरीदस की तस्वीर की पूजा भी की। रैली सुबह बाईस गोदाम पुलिया से रवाना होकर विधानसभा तक पहुंची। यहां गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया के साथ वार्ता भी हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया। सीएम को ओएसडी केके पाठक भी विफल रही। अब दस अप्रेल को आंदोलन का दूसरा चरण होगा,जिसमें वे आमरण अनशन करेंगे। वहीं अब 9894 ग्राम पंचायतों को ताला लगाया जाएगा और 27 लाख पट्टों के वितरण की योजना को भी विफल किया जाएगा।
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