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MLA पुत्र के चपरासी बनने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, इंजीनियर-वकील भी थे लाइन में
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 05 Jan 2018 04:47 PM IST
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सचिन पायलट
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विधानसभा में एमएलए के बेटे के चपरासी के पद पर नियुक्त होने के बाद कई सवाल उठने लगे हैं। अब कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष ने इस नियुक्ति को लेकर जांच की मांग उठाई है।
दरअसल, सारा मामला राजस्थान विधानसभा से जुड़ा है। यहां सचिवालय में चतुर्थ श्रेणी के 18 पदों के लिए भर्ती निकाली गई थी। जिसके लिए करीब 18 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन पत्र प्रस्तुत किया और करीब साढे बारह हजार शामिल हुए । यहां खास बात ये है कि चतुर्थ श्रेणी पद के लिए 129 इंजीनियर, 23 वकील और करीब 393 पोस्ट ग्रेजुएट अभ्यर्थी भी शामिल हुए। जब पिछले महीने चतुर्थ श्रेणी पद के लिए लिस्ट जारी हुई तो उसमें विधायक के बेटे का नाम भी शामिल था।
इस अभ्यर्थी का नाम रामकृष्ण मीणा है जो कि जमवारामगढ़ से भाजपा के विधायक जगदीश नारायण मीणा के बेटे हैं। इसके बाद राजस्थान में कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने भर्ती को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि सत्तापक्ष ने भर्ती का प्रभावित करने का कार्य किया है।
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ऐसे में पायलट ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि मौजूदा सरकार की नीतियों की वजह से राजस्थान के युवा बेरोजगार हो रहे हैं और भाजपा नेता अपने रिश्तेदारों को सरकारी नौकरी दिलवा रहे हैं।
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दरअसल, सारा मामला राजस्थान विधानसभा से जुड़ा है। यहां सचिवालय में चतुर्थ श्रेणी के 18 पदों के लिए भर्ती निकाली गई थी। जिसके लिए करीब 18 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन पत्र प्रस्तुत किया और करीब साढे बारह हजार शामिल हुए । यहां खास बात ये है कि चतुर्थ श्रेणी पद के लिए 129 इंजीनियर, 23 वकील और करीब 393 पोस्ट ग्रेजुएट अभ्यर्थी भी शामिल हुए। जब पिछले महीने चतुर्थ श्रेणी पद के लिए लिस्ट जारी हुई तो उसमें विधायक के बेटे का नाम भी शामिल था।
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इस अभ्यर्थी का नाम रामकृष्ण मीणा है जो कि जमवारामगढ़ से भाजपा के विधायक जगदीश नारायण मीणा के बेटे हैं। इसके बाद राजस्थान में कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने भर्ती को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि सत्तापक्ष ने भर्ती का प्रभावित करने का कार्य किया है।
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ऐसे में पायलट ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि मौजूदा सरकार की नीतियों की वजह से राजस्थान के युवा बेरोजगार हो रहे हैं और भाजपा नेता अपने रिश्तेदारों को सरकारी नौकरी दिलवा रहे हैं।
मामले को लेकर विधायक ने कहा ये
rajasthan assembly
विधायक के बेटे का नाम चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर आने के बाद से ही यहां सवाल उठना शुरू हो गए कि हजारों अभ्यर्थियों में से विधायक के बेटे का नाम सरकारी नौकरी के लिए आना ताज्जुब करने वाला है। वह भी विधानसभा सचिवालय में होने वाली नियुक्ति के लिए। जबकि इंजीनियर, वकील और सीए की योग्यता रखने वाले उससे पिछड़ गए। गौरतलब है कि विधानसभा की ओर से जारी हुई सूची में 12वें नंबर पर रामकृष्ण मीणा का नाम है।
उधर, पूरे मामले में भाजपा विधायक जगदीश नारायण मीणा का कहना है कि इसमें कोई भी गड़बड़ी नहीं हुई है। उनका कहना है कि यदि मैं अपने बेटे की मदद करता तो क्या उसे चपरासी के पद पर नियुक्त करवाता। उनके बेटे ने सामान्य प्रक्रिया की तरह ही इस नौकरी के लिए आवेदन किया था
उधर, पूरे मामले में भाजपा विधायक जगदीश नारायण मीणा का कहना है कि इसमें कोई भी गड़बड़ी नहीं हुई है। उनका कहना है कि यदि मैं अपने बेटे की मदद करता तो क्या उसे चपरासी के पद पर नियुक्त करवाता। उनके बेटे ने सामान्य प्रक्रिया की तरह ही इस नौकरी के लिए आवेदन किया था