फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   goon called as chief information commissioner db gupta by call spoofing to jaipur mansarovar acp sanjeev choudhary

'मुख्य सूचना आयुक्त बोल रहा हूं, योगेंद्र को छोड़ दो' स्पूफिंग के जरिए किया कॉल, ऐसे हुआ खुलासा

Thu, 28 Jan 2021 06:28 PM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: कुमार संभव Updated Thu, 28 Jan 2021 06:28 PM IST
विज्ञापन
goon called as chief information commissioner db gupta by call spoofing to jaipur mansarovar acp sanjeev choudhary
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

राजस्थान की राजधानी जयपुर में कॉल स्पूफिंग का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि शांतिभंग के आरोप में पकड़े गए एक आरोपी को छुड़ाने के लिए स्पूफिंग के जरिये एसीपी मानसरोवर को कॉल किया गया। कॉलर ने खुद को मुख्य सूचना आयुक्त बताया था। एसीपी पहले तो आदेश का पालन करने जा रहे थे, लेकिन शक होने पर उन्होंने कॉल बैक की, जिससे पूरे मामले का खुलासा हो गया। इस दौरान जमानत देने गए व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

विज्ञापन

यह है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, मुहाना पुलिस ने 25 जनवरी को शुभ पूजा सुमेर नगर प्रथम निवासी योगेंद्र को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। उसकी जमानत को लेकर काफी प्रयास किए जा रहे थे। इस बीच 27 जनवरी को योगेंद्र का भाई बलवंत जमानत के लिए मानसरोवर थाने पहुंचा था।

विज्ञापन
विज्ञापन

स्पूफिंग के जरिये की गई कॉल

बताया जा रहा है कि जब बलवंत थाने पहुंचा, उसी दौरान मानसरोवर एसीपी संजीव चौधरी के पास एक कॉल आया। यह कॉल प्रमुख सूचना आयुक्त डीबी गुप्ता के नंबर से था। कॉलर ने एसीपी से कहा कि योगेंद्र को जमानत पर जल्द छोड़ देना। वहीं, कॉल खत्म होने के बाद बलवंत ने खुद को डीबी गुप्ता का परिचित बताया। 
विज्ञापन

शक होने पर दोबारा किया कॉल

एसीपी पहले आरोपी को छोड़ने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन अचानक उन्हें शक हुआ। ऐसे में उन्होंने प्रमुख सूचना आयुक्त के नंबर पर कॉल मिला दिया। प्रमुख सूचना आयुक्त डीबी गुप्ता ने फोन उठाया और जमानत के लिए फोन नहीं करने की बात कही। इसके बाद पुलिस ने बलवंत को भी गिरफ्तार कर लिया।

क्या होती है स्पूफिंग कॉल?

जानकारी के मुताबिक, स्पूफिंक कॉल खास तरह के मोबाइल एप्लिकेशन या वीओआईपी सर्वर यानी वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल के तहत की जाती है। इस तरीके से किसी के भी नंबर से साइबर क्रिमिनल कॉल कर सकते हैं और जिसके नंबर से कॉल की जा रही है, उसे पता तक नहीं चलता। अगर इस तरह की किसी कॉल पर आपको शक होता है तो कॉल डिस्कनेक्ट करके री-डायल करें। इससे कॉल स्पूफिंग का पता लग जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed